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रमजान के महीने में सऊदी अरब ने सालों बाद किया ऐसा काम! चौंकी दुनिया

सऊदी अरब ने सालों बाद रमजान के महीने में किसी नागरिक को मौत की सजा दी है. सऊदी नागरिक ने पीड़ित को चाकू से मारकर उसे जला दिया था. इस अपराध के लिए रमजान के महीने में ही सऊदी नागरिक को मृत्युदंड दिया गया है.

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सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मानवाधिकारों को लेकर निशाने पर रहे हैं (Photo- Reuters)
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मानवाधिकारों को लेकर निशाने पर रहे हैं (Photo- Reuters)

सऊदी अरब ने इस्लाम के पवित्र महीने रमजान में ही अपने एक नागरिक को मौत के घाट उतार दिया है. मानवाधिकार समूहों ने सोमवार को कहा कि सऊदी अरब ने रमजान के महीने में सालों बाद किसी नागरिक को मौत के घाट उतार दिया है. इस्लाम के दूसरे सबसे पवित्र शहर मदीना में सऊदी नागरिक को मौत की सजा दी गई है.

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सऊदी अरब की सरकारी एजेंसी, सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि व्यक्ति को 28 मार्च को रमजान के पांचवें दिन मृत्युदंड दिया गया. एजेंसी ने बताया कि जिस व्यक्ति को मौत की सजा दी गई, वो सऊदी अरब का नागरिक था और उस पर एक व्यक्ति की हत्या का आरोप था. शख्स ने पीड़ित पर चाकू से हमला किया था और फिर उसे आग के हवाले कर दिया था.

रमजान के महीने में मौत की सजा देने को लेकर बर्लिन स्थित यूरोपीय सऊदी मानवाधिकार संगठन (ESOHR) ने एक बयान में कहा, 'सऊदी अरब ने रमजान के दौरान एक नागरिक को मार डाला है.'

2009 में आखिरी बार रमजान में दी गई थी मौत की सजा

दुनिया में सबसे अधिक मौत की सजा देने वालों में शामिल सऊदी अरब के गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए मौत की सजा के आंकड़ों का हवाला देते हुए संगठन ने कहा कि सऊदी में साल 2009 के बाद से अब तक रमजान के पवित्र महीने में एक भी मौत की सजा नहीं दी गई थी.

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ESOHR ने कहा कि इस्लाम के जन्म स्थान सऊदी अरब में रमजान के दौरान अब तक 17 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, सऊदी अरब ने 2022 में 147 लोगों को मौत की सजा दी  है. यह आंकड़ा 2021 के आंकड़े के दोगुना से अधिक है. 2021 में केवल 69 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था.

ड्रग्स से जुड़े अपराधों में भी मिलती है मौत!

पिछले साल सऊदी अरब ने ड्रग्स से जुड़े अपराधों के लिए मौत की सजा को फिर से बहाल कर दिया था. तीन सालों तक अस्थायी रोक के बाद ड्रग्स अपराधों के लिए इस्लामिक देश में फिर से मौत की सजा को शुरू कर दिया गया है.

ब्रिटेन स्थित मानवाधिकार एनजीओ Reprive और ESOHR ने इस साल की शुरुआत में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके अनुसार, 2015 में किंग सलमान के सत्ता संभालने के बाद से 1,000 से अधिक मौत की सजा दी जा चुकी है. सऊदी अरब में अक्सर सिर कलम कर मौत की सजा दी जाती है.

सऊदी अरब की मीडिया में साल 2022 में छपी खबरों के अनुसार, सऊदी अरब के वास्तविक शासक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने द अटलांटिक पत्रिका के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि हत्या के मामलों और लोगों के जीवन को खतरे में डालने वाले अपराधों को छोड़कर सऊदी अरब ने मौत की सजा से छुटकारा पा लिया है. 

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