सऊदी अरब ने अपने श्रम कानूनों में बड़े बदलाव किए हैं जिसका भारतीयों पर बड़ा असर होने वाला है. किंगडम के मानव संसाधन मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इन सुधारों का लक्ष्य श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके काम करने के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है. नए सुधारों में मैटरनिटी लीव को बढ़ाना, ओवरटाइम को रेगुलेट करना और रोजगार के लिए हर तरह के भेदभाव पर रोक लगाना शामिल है.
सुधारों के तहत सऊदी अरब इसी महीने से महिलाओं के लिए 10 हफ्ते के बजाए 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव की शुरुआत कर रहा है. इससे सऊदी में काम कर रही प्रेग्नेंट महिला श्रमिकों को फायदा होगा.
इसके अलावा अगर किसी श्रमिक के पति या पत्नी की मौत हो जाती है तो उसे 5 दिनों की पेड लीव मिलेगी. इसी तरह अगर किसी श्रमिक को शादी करनी है तो उसे 5 दिनों की छुट्टी मिलेगी. अगर कोई मुस्लिम त्योहारों, जैसे ईद आदि के दिन भी काम करता है तो उसे ओवर टाइम माना जाएगा और नियत सैलरी के अलावा ओवर टाइम का पूरा पैसा कामगार को दिया जाएगा.
सऊदी अरब में अब कामगारों को अधिकतम 180 दिनों तक ही ट्रायल पर रखा जा सकेगा. श्रम कानून का नया संशोधन यह भी कहता है कि कोई भी नियोक्ता नस्ल, रंग, लिंग, विकलांगता या सामाजिक स्थिति के आधार पर रोजगार देने में भेदभाव नहीं करेगा.
इसके अलावा, बिना लाइसेंस के श्रमिकों को रोजगार देने वाले बिजनेस पर भी जुर्माना लगाया जाएगा, क्योंकि नए संशोधनों का उद्देश्य श्रम बाजार के रेगुलेशन को मजबूत करना भी है.
सऊदी अरब में भारी संख्या में प्रवासी श्रमिक हैं जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशों से वहां पहुंचते हैं. ये श्रमिक मजदूर, प्लंबर, मिस्री, इलेक्ट्रिशियन आदि का काम करते हैं.
सऊदी अरब में काम करते हैं लाखों भारतीय
सऊदी अरब भारतीयों को हमेशा से आकर्षित करता रहा है और लाखों की संख्या में भारतीय वहां काम करने जाते हैं. सऊदी अरब में भारतीयों की संख्या वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान दो लाख बढ़ गई. भारतीयों की संख्या में लगभग 10% की बढ़ोतरी से सऊदी अरब में भारतीय समुदाय की संख्या 26 लाख 50 हजार हो गई है. यह संख्या सऊदी में काम करने वाले प्रवासियों की सबसे बड़ी संख्या में से एक है.
भारत से कुशल, कम कुशल और अकुशल, सभी तरह के लोग सऊदी अरब का रुख करते हैं. कम कुशल और अकुशल लोग कंस्ट्रक्शन, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, बढ़ई, पेंटर, घरेलू नौकर आदि का काम करते हैं. सऊदी के श्रम कानून में संशोधन से प्रवासी श्रमिकों को बहुत फायदा होगा.
अकुशल श्रमिकों को देश में आने से रोकने के लिए सऊदी की कोशिशें
सऊदी अरब ने पिछले कुछ सालों में अकुशल श्रमिकों को देश में आने से रोकने के लिए कई कोशिशें भी की हैं. दिसंबर 2023 में सऊदी अरब ने घोषणा की थी कि देश में आने वाले श्रमिकों को वेरिफिकेशन प्रोग्राम का एक टेस्ट पास करना होगा. सऊदी ने अपने वोकेशनल वेरिफिकेशन प्रोग्राम को 160 से अधिक देशों में लागू करने को कहा था. तब सऊदी श्रम अधिकारियों ने कहा था कि इस कदम का मकसद श्रम बाजार को रेगुलेट करना और अकुशल श्रमिकों को सऊदी में आने से रोककर कुशल श्रमिकों को देश में लाना है.
सऊदी के मानव संसाधन मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से इस प्रोग्राम को लॉन्च किया था और अब तक इसे बहुत से देशों के लिए लागू किया जा चुका है. भारतीय श्रमिकों को भी सऊदी अरब जाने के लिए यह वेरिफिकेशन प्रोग्राम टेस्ट पास करना होता है.