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कनाडा में तोड़ी गई महात्मा गांधी की प्रतिमा, 5 दिन पहले ही एक मूर्ति को पहुंचाया गया था नुकसान

गौरतलब है कि कनाडा में हाल में खालिस्तान समर्थकों की भारत विरोधी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिन्होंने कुछ हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की है. 13 फरवरी को मिसिसॉगा स्थित एक राममंदिर को 'खालिस्तानी चरमपंथियों' ने निशाना बनाया था. इस पर टोरंटो में भारतीय वाणिज्य दूतावास की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया जताई गई थी.

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सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक विश्वविद्यालय कैंपस में लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा को तोड़ दिया गया. इस तरह की यह दूसरी घटना है. हाल ही में गांधी की एक प्रतिमा को खालिस्तान समर्थकों द्वारा निशाना बनाया गया था. वैंकूवर स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय में बर्नाबी परिसर के पीस स्क्वायर पर लगाई गई मूर्ति को तोड़ा गया है.

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वाणिज्य दूतावास ने एक ट्वीट में कहा, 'हम शांति के अग्रदूत महात्मा गांधी जी की मूर्ति को क्षति पहुंचाने के इस अपराध की कड़ी निंदा करते हैं.' दूतावास ने अपने बयान में कहा, 'कनाडाई अधिकारियों से मामले की तुरंत जांच करने और अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने का अनुरोध किया गया है.'

खालिस्तान समर्थकों ने 23 मार्च को कनाडा के ओंटारियो प्रांत के हैमिल्टन शहर में सिटी हॉल के पास महात्मा गांधी की एक प्रतिमा पर स्प्रे-पेंट कर दिया था. पिछले साल जुलाई में कनाडा के रिचमंड हिल स्थित एक विष्णु मंदिर के बाहर लगाई गई महात्मा गांधी की प्रतिमा को क्षति पहुंचायी गई थी. इस घटना की टोरंटो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कड़ी निंदा की थी.

गौरतलब है कि कनाडा में हाल में खालिस्तान समर्थकों की भारत विरोधी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिन्होंने कुछ हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की है. 13 फरवरी को मिसिसॉगा स्थित एक राममंदिर को 'खालिस्तानी चरमपंथियों' ने निशाना बनाया था. इस पर टोरंटो में भारतीय वाणिज्य दूतावास की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया जताई गई थी.
 

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