कनाडा के एडमॉन्टन में एक सिख शख्स और उसके 11 वर्षीय बेटे की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान 41 साल के हरप्रीत सिंह उप्पल के तौर पर हुई है. वारदात तब हुई जब वह एक शॉपिंग प्लाजा के पास स्थित गैस स्टेशन पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई.
पुलिस के मुताबिक, दोनों पीड़ितों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. गाड़ी में सवार एक अन्य लड़का बच गया. एडमॉन्टन पुलिस सेवा के कार्यवाहक अधीक्षक ने बताया कि 41 वर्षीय हरप्रीत सिंह उप्पल और उनके बेटे की गुरुवार दोपहर एक गैस स्टेशन के बाहर दिनदहाड़े गोलीबारी में गोली मारकर हत्या कर दी गई. कॉलिन डर्कसन ने शुक्रवार को मीडिया को मीडिया को इसकी जानकारी दी.
लड़के का एक दोस्त भी उस वक्त कार में मौजूद था. जो कि बाल-बाल बच गया और उसे कोई भी चोट नहीं आई. डर्कसेन ने कहा कि पुलिस को यह नहीं पता कि जब उन्होंने उप्पल का पीछा करना शुरू किया तो उन्हें पता था कि कार में बच्चे हैं या नहीं.
एडमॉन्टन जर्नल ने डर्कसन के हवाले से कहा है कि जब शूटर्स को पता चला कि, बेटा भी साथ में मौजूद है तो उन्होंने जानबूझकर हरप्रीत की गोली मारकर हत्या कर दी. उन्होंने कहा कि बच्चों को मारना एक समय में गहरी लकीर हुआ करता था, जिसे शूटर्स पार नहीं करते थे. लेकिन अब वैसी नीति बदल रही है, डर्कसन ने इसे बीमार और विकृत सोच बताया है. वहीं, पुलिस ने शव परीक्षण लंबित रहने तक लड़के का नाम उजागर नहीं किया है.
डर्कसेन ने कहा कि 2012 में चोरी हुई एक संदिग्ध बीएमडब्ल्यू एक्स6 कार आग लगी हुई स्थिति में मिली. वाहन के अंदर किसी का पता नहीं चला और आग लगने के कारण या किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.
शुक्रवार सुबह तक, पुलिस ने मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया था और न ही किसी संदिग्ध की पहचान हो सकी थी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उप्पल एडमॉन्टन के संगठित अपराध क्षेत्र में एक ‘बड़ा नाम’ था. हरप्रीत पर पहले भी हथियार से हमला करने और गैरकानूनी बंदूक रखने का भी आरोप लगाया गया था.
पुलिस ने कहा कि उप्पल ब्रदर्स कीपर्स नामक गिरोह का सदस्य था और हत्या का संबंध प्रतिद्वंद्वी यूएन गिरोह से है. वह अक्टूबर 2021 में तब एक हमले में बाल-बाल बच गए थे, जब एक बंदूकधारी ने उन पर कई गोलियां चलाईं थीं, तब वह अपने परिवार के साथ पिज्जा की दुकान पर खाना खा रहे थे.