पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इस साल अप्रैल में सऊदी अरब का दौरा किया था. इस दौरान पाकिस्तान के कुछ नागरिकों ने प्रधानमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ दुर्व्यवहार किया. उनके खिलाफ अपमानजनक नारेबाजी की गई. इन छह पाकिस्तानी नागरिकों को अब मदीना की मस्जिद-ए-नबवी की पवित्रता का उल्लंघन करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके प्रतिनिधिमंडल के लोग जैसे ही मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में घुसे थे, वहां मौजूद पाकिस्तानी प्रदर्शनकारी नारेबाजी करने लगे. इसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम से वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि मदीना की एक अदालत ने तीन पाकिस्तानी नागरिकों अनस, इरशाद, मुहम्मद सलीम को 10 साल की जेल जबकि तीन अन्य ख्वाजा लुकमान, मुहम्मद अफजल और गुलाम मुहम्मद को आठ साल कैद की सजा सुनाई है.
इसके अलावा इन दोषियों पर 20,000-20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना भी लगाया गया है और उनके मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.
अप्रैल में सऊदी अरब दौरे पर गए थे शहबाज शरीफ
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस साल अप्रैल महीने में तीन दिवसीय सऊदी अरब दौरे पर गए थे. आरोप है कि इस दौरान पीटीआई पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने मदीना में मस्जिद-ए-नवबी की पवित्रता का उल्लंघन किया.
शहबाज शरीफ और उनके प्रतिनिधिमंडल ने जैसे ही रोजा-ए-रसूल में मस्जिद में इबादत करने के लिए घुसे, इन प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी थी.
मस्जिद में प्रधानमंत्री शहबाज और उनके प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने चोर, चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए थे. उन्होंने पाकिस्तानी नेता मरियम औरंगजेब के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी भी की थी.
इस घना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
प्रदर्शनकारियों ने जम्हूरी वतन पार्टी (जेडब्ल्यूपी) के प्रमुख और नारकोटिक्स कंट्रोल के संघीय मंत्री शहजैन बुगती के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके बाल खींचे.
इस दौरान प्रदर्शनकारी अपने मोबाइल फोन से इस पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे.
घटना के बाद राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के साथ समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने घटना पर अपना गुस्सा जाहिर किया था और मस्जिद-ए-नवबी में नारेबाजी की निंदा की थी
ये भी पढ़ें