केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भारत के बढ़ते वैश्विक कद की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि हमने विश्व स्तर पर अपनी स्थिति सुनिश्चित कर ली है. हम न केवल नागरिकों के लाभ के लिए बल्कि वैश्विक भलाई के लिए भी काम करते हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान हमने भू-राजनीतिक कारणों से सप्लाई चेन को बाधित नहीं होने दिया. हमने न केवल अपने देश लोगों को मेडिकल सुविधा मुहैया कराई, बल्कि हमने दुनिया के लिए भी ऐसा किया. इसके अलावा स्पेस टेक्नोलॉजी के संबंध में हमारी सफलताएं महत्वपूर्ण हैं. हमने जिस तरह से डिजिटल को बढ़ावा दिया है, उससे पूरी दुनिया आश्चर्यचकित है. भारत इस समय विश्व स्तर पर AI का नेतृत्व कर रहा है. हम एआई के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी एआई के बारे में न केवल इस दृष्टिकोण से बात करते हैं कि यह विनिर्माण, व्यवसायों में कैसे मदद करता है. बल्कि हम एआई के साथ अपनी शैक्षिक क्षमता का बेहतर लाभ कैसे उठा सकते हैं.
इंडिया टुडे के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल से बात करते हुए स्मृति ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी के सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप के एजेंडे के केंद्र में महिलाएं हैं. क्योंकि ऐसा समझा जाता था कि अगर विकास को बढ़ावा देना है तो इसमें सभी को शामिल करना होगा. उनके समावेशी विकास एजेंडे की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक हमारी अर्थव्यवस्था का महिला घटक है. महिलाओं के विकास के लिए केंद्र में विभिन्न सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. चाहे वह आवास योजना हो या दूसरी महत्वपूर्ण योजनाएं. स्मृति ईरानी ने कहा कि पीएम मोदी ने महिलाओं के विकास को ध्यान में रखते हुए ये शर्त भी रखी थी कि सरकार द्वारा बनाए गए आवासों की मालिक महिला होंगी या फिर सह-मालिक. उन्होंने कहा कि जब महिलाओं के पास संपत्ति होती है, तो उनके परिवार में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा कम हो जाती है. यह विकास का एक व्यापक प्रभाव है, जिसके केंद्र में समावेशी रवैया है.
'कांग्रेस वंशवाद के लिए आगे बढ़ रही है'
कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सबसे पुरानी पार्टी 'अपने वंश को बचाने' के लिए आगे बढ़ रही है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार की नीतियों के माध्यम से लोगों के लिए समृद्धि सुनिश्चित कर रहे हैं. स्विट्जरलैंड के दावोस में 54वें विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के मौके पर इंडिया टुडे के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल के साथ खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने कई क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किए हैं.
'अब बूथ कैप्चरिंग अतीत की बातें'
स्मृति ईरानी ने कहा कि पीएम मोदी ने डीपफेक पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. साथ ही एआई उत्पादों पर वॉटरमार्क सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त रूप से जिम्मेदार होने के बारे में बात की है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण से हमें लाभार्थी वर्गों के उन तत्वों को दूर करने में भी मदद की है जो खजाने पर बोझ बने हुए थे. उन्होंने कहा कि अब हमारे मतदाताओं की पहचान डिजिटल रूप से सुनिश्चित हो गई है. इसलिए बूथ कैप्चरिंग अतीत की बातें हैं. भारत के चुनाव आयोग और मतदान करने वाली बड़ी आबादी के बीच लोकतांत्रिक जुड़ावों को डिजिटल रूप से विस्तार दिया गया है. मुझे लगता है कि अब उन लोगों के लिए भी चुनौती बढ़ गई है, जो विधानसभा चुनाव हारने के बाद पूरा ठीकरा ईवीएम पर फोड़ देते हैं.
सऊदी अरब की अपनी यात्रा पर कही ये बात
सऊदी अरब की अपनी हालिया यात्रा के बारे में उन्होंने कहा कि खाड़ी देश में उनकी गतिविधियां पीएम मोदी और अरब नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का विस्तार थीं. पीएम मोदी 'सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास' की बात करते हैं. हज तब शुरू होगा जब चुनाव नजदीक होंगे. यह अधिकारियों के लिए थोड़ा मुश्किलभरा होगा. इसलिए, हम यह सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहे हैं कि चीजें ठीक से हों. हमारे पास 12 लाख भारतीय हैं जो 'उमरा' के लिए जाते हैं.
WEF के सामने उठाया ये मुद्दा
जेंडर समानता को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा कि हमने पिछले साल भी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर ये मुद्दा उठाया था कि कैसे महिलाओं के संबंध में भारत द्वारा कही गई बातों पर ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए हमारी 15 लाख महिलाएं हैं, जो हमारी पंचायतों में चुनी जाती हैं. राजनीतिक सशक्तिकरण को लेकर जब जेंडर गैप इंडेक्स सामने आता है, तो वे उन 15 लाख महिलाओं को नहीं मानते हैं, जो चुनी जाती हैं. इतना ही नहीं, ये उन महिलाओं पर विचार नहीं करते जो विधानसभाओं के लिए चुनी जाती हैं. वे उन महिलाओं को लेकर विचार नहीं करते जो राज्य सरकारों में मंत्री हैं. वे उन महिलाओं को ध्यान में नहीं रखते जो भारत सरकार में मंत्रिपरिषद का हिस्सा हैं. तो यह बड़ा अंतर कुछ ऐसा है, जिसे हमने वर्ल्ड इकॉनोमिक फॉरम के समक्ष उठाया था.
'ऐसा भारत में पहली बार हो रहा'
स्मृति ईरानी ने कहा कि फोरम की ओर से जवाब दिया गया कि ऐसा भारत में पहली बार हो रहा है. साथ ही उन्होंने इस बात को लेकर आश्वस्त भी किया कि इस पर चिंतन किया जाएगा कि भारत की इस राजनीतिक क्षमता को कैसे पहचाना जाए. स्मृति ने कहा कि महिलाओं के लिए 33% आरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद हम वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सामने आए हैं. जो इस क्षेत्र में किसी भी देश के लिए पहली बार है.
महिलाओं का नेतृत्व सुनिश्चित करती है बीजेपी
भारत में चुनाव और पार्टियों को किस तरह से टिकट बांटने चाहिए, इस सवाल के जवाब में स्मृति ईरानी ने कहा कि भाजपा देश का पहला राजनीतिक संगठन है, जिसने यह सुनिश्चित किया है कि नेतृत्व क्षमता के मामले में अधिक से अधिक महिलाएं जमीनी स्तर से ऊपर उठें. हम इसे अपने संगठन में राष्ट्रीय स्तर और जमीनी स्तर पर देखते हैं. लेकिन जब महिलाएं प्रशासनिक और संवैधानिक पदों पर होती हैं, तो क्या होता है? टैक्स पेयर्स के पैसे को मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक बुनियादी ढांचे के निर्माण, जमीनी स्तर पर आजीविका सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर खर्च किया जाता है. ये तभी हो सकता है जब महिलाएं राजनीतिक रूप से सशक्त होती हैं. उन्होंने कहा कि जब महिलाएं राजनीतिक रूप से सशक्त होती हैं, तो वे बड़े समुदायों की सेवा करने में अच्छा काम करती हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि पुरुषों और बच्चों के लिए भी फायदेमंद है.