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Ukraine की राजधानी कीव को सुबह तक घेर सकता है रूस, जरूरी सामान की आपूर्ति रोकने की रणनीति

Russia-Ukraine War: तबाही मचाते हुए यूक्रेन में घुसा रूस अब शुक्रवार सुबह तक राजधानी कीव को अपने कब्जे में ले लेगा. इसी के साथ अपनी मांगें मनवाने के लिए कीव के तार दूसरे शहरों से काट दिए जाएंगे और सारी सुविधाएं ठप कर दी जाएंगी.

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कीव से 10KM दूर एअरफील्ड पर रूस का कब्जा.
कीव से 10KM दूर एअरफील्ड पर रूस का कब्जा.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कीव तक जरूरी सामान न पहुंचने देने की रणनीति
  • कीव की बिजली-पानी की आपूर्ति ठप कर देगा रूस

Russia-Ukraine Crisis: यूक्रेन (Ukraine) पर हमलावर रूस सुनियोजित रणनीति के तहत आगे बढ़ता जा रहा है. नई खबर यह है कि शुक्रवार सुबह तक रूसी सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) को पूरी तरह घेर लेंगे. कीव की सभी जरूरी सुविधाएं ठप करने की रणनीति भी चल रही है.

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सूत्रों के हवाले से खबर है कि रणनीति के तहत रूसी सैनिक राजधानी कीव को पंगु बनाने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने शहर में बिजली, पानी और भोजन जैसी मूलभूत चीजों को रुकवा देने की तैयार कर ली है.

साथ ही रूस समर्थक नेताओं की एक सूची तैयार की गई है. इसमें यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति विक्टर यानूकोविच (जो यूक्रेन छोड़कर भाग गए थे) को कीव वापस लने की तैयारी चल रही है ताकि नए चुनाव कराए जा सकें. दरअसल, यूक्रेन की सत्ता पर अपना आदमी बैठाने के बाद पुतिन चाहते हैं कि क्रीमिया पर रूस की संप्रभुता को मान्यता मिल जाए.

इसके अलावा, रूस स्वघोषित डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक, लुहान्स्क पीपुल्स रिपब्लिक को मान्यता दिलवाना चाहेगा और यूक्रेन की सेना का पूर्ण विसैन्यीकरण करवाएगा. अब तक डोनबास क्षेत्र के इन इलाकों को रूस और बेलारूस ने ही मान्यता दी है. इससे पहले, पुतिन ने डोनबास क्षेत्र में यूक्रेनी सैनिकों से अपने हथियार छोड़ने का आग्रह कर चुके हैं. 

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इसके अलावा, रूस चाहता है कि यूक्रेनी चर्च की मान्यता को रद्द करवाया जाए और यूक्रेनी रूढ़िवादी चर्च को बहाल किया जाए, जो मॉस्को पैट्रिआर्केट के अधिकार क्षेत्र में 'स्वशासी' चर्चों में से एक है, यानी एक रूसी रूढ़िवादी चर्च है. दरअसल, इससे पहले रूस विरोधी यूक्रेन सरकार ने अपने इलाके से रूस की पहचान मिटाने के लिए नए रूढ़िवादी चर्च का निर्माण करा लिया था. 

रूसी एजेंसी TASS ने दावा किया है कि डोनबास में रूस के सैनिकों ने कई इलाकों को अपने कब्जे में ले लिया है और लुहान्स्क में उनकी सेनाऐं आगे बढ़ गई हैं. हालांकि, इस बात की औपचारिक पुष्टि रूस और यूक्रेन ने नहीं की. 

यूक्रेन में रूस की सेना ने 70 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है. साथ 11 एयरफील्ड बर्बाद किए जा चुके हैं. अब एयरबेस पर कब्जे को लेकर रूसियों और यूक्रेनी सैनिकों के बीच लड़ाई जारी है. 

उधर, यूक्रेन के 30 से ज्यादा शहरों पर रूस कब्जा कर चुका है. खास रणनीति के तहत रूसी सैनिकों ने यूक्रेन की राजधानी कीव से महज 10 किमी दूर अपने 8 हेलिकॉप्टरों के साथ एक एयरफील्ड पर अपना कब्जा जमा लिया था. 

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने आज सुबह साफ कर दिया था कि उनकी मंशा यूक्रेन की सेना का विसैन्यीकरण करने की है. वह यूक्रेन में एक ऐसा शासन लाना चाहते हैं जो कि NATO के इशारों  पर न नाचे और रूस की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा न बने. 

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इससे पहले रूस की संसद यानी ड्यूमा (DUMA) ने राष्ट्रपति पुतिन को यह इजाजत दे दी थी कि वह सीमा से बाहर जाकर कार्रवाई कर सकते हैं. 

 

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