दक्षिण अफ्रीका के Sanae IV रिसर्च स्टेशन से एक गंभीर मामला सामने आया है. ये रिसर्च स्टेशन अंटार्कटिका की बर्फ की चट्टानों से लगभग 100 मील दक्षिण और केप टाउन से 2,600 मील की दूरी पर स्थित है. यहां तैनात वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने ईमेल के जरिए SOS मैसेज भेजा और इमरजेंसी हेल्प की गुहार लगाई.
एक साइंटिस्ट ने आरोप लगाया है कि उनका शारीरक शोषण और यौन उत्पीड़न किया गया और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई. सर्दियों के तूफानों और बर्फ के कारण, वे दिसंबर तक अगले 10 महीनों तक वहां बने रहेंगे. बताया जा रहा है कि ईमेल में वैज्ञानिकों ने 'तत्काल कार्रवाई' की मांग की है.
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10 सदस्यों की टीम को सुरक्षा की चिंता
ईमेल में वैज्ञानिकों के ग्रुप ने बताया कि टीम में एक शख्स ने कथित तौर पर एक सहयोगी पर हमला किया और आगे हिंसा की धमकियां दी. 10 सदस्यीय टीम को अपने सुरक्षा की चिंता हो रही है क्योंकि माना जा रहा है कि यह शख्स पूरे समूह के लिए खतरा है. एक टीम सदस्य ने उसे यौन उत्पीड़न का भी आरोपी बताया है.
पहले भी रिसर्च स्टेशन पर हुई घटनाएं
दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने पुष्टि की है कि स्टेशन पर एक हमला हुआ था, जबकि पहले भी इस तरह के अनुचित व्यवहार की शिकायतें की गई थीं. दक्षिण अफ्रीका के पर्यावरण मंत्री, डियोन जॉर्ज ने इस घटना को स्वीकार किया और कहा कि वे "विकल्पों पर विचार कर रहे हैं", जिनका विभाग देश के अंटार्कटिक्स कार्यक्रम का प्रबंधन करता है.
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सरकारे के मंत्री हालात की कर रहे निगरानी!
पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि जब जहाज 1 फरवरी को रवाना हुआ, "सब कुछ ठीक था." इस घटना को मंत्रालय को पहली बार 27 फरवरी को रिपोर्ट किया गया था. विभाग ने बताया कि एक सरकारी मंत्री स्थिति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं. मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि आरोपी ने पीड़िता से औपचारिक माफी मांगी है.