श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के बाहरी इलाके केरावलपिटिया के एक बिजलीघर में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण सोमवार को देशभर की बिजली आपूर्ति ठप पड़ गई और देश अंधेरे में डूब गया. व्यवसाय और रोजमर्रा के कामों पर भी इसका असर पड़ा है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बिजली मंत्री डलास अलहापेरुमा देशभर में बिजली गुल हो जाने के बाद सोमवार दोपहर को एक घंटे के भीतर केरावलपिटिया बिजलीघर पहुंचे और तकनीशियनों के साथ रहे, जो बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश में लगे थे.
बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति ठप होने से कई इलाकों में जल आपूर्ति पर असर भी असर पड़ा जिससे कोलंबो में सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई.
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सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीईबी) के अध्यक्ष विजिता हेरात ने मीडिया को बताया कि रात 8.30 बजे तक, बिजली की 80 प्रतिशत आपूर्ति बहाल हो गई. इससे पहले, श्रीलंका को 2016 में देशव्यापी बिजली आपूर्ति में समस्या का सामना करना पड़ा था.
श्रीलंका की सरकार ने इस मामले को लेकर जांच बैठा दी है और तीन दिन में जवाब मांगा गया है. दरअसल, श्रीलंका में पूरे देश की बिजली सीलोन बिजली बोर्ड के पास है जो कि सरकारी सहयोग से चलता है.
बिजली जाने के कारण ना सिर्फ घरों की बिजली बल्कि सड़क पर जलने वाली लाइट, ट्रैफिक सिस्टम की लाइट समेत अन्य सरकारी दफ्तरों की बत्ती भी गुल ही रही, जिसके कारण ऐसा हुआ. श्रीलंका अपनी बिजली की खपत की आधी आपूर्ति थर्मल पावर के जरिए पूरी करता है. जिस बिजली घर में खराबी आई, वो देश की करीब 12 फीसदी बिजली को सप्लाई देता है.