श्रीलंका में देश की बदहाली के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है. विरोध को दबाने के लिए मंगलवार को पुलसि ने बल प्रयोग किया. इस दौरान पुलिस ने गोली भी चलाई, जिससे एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, वहीं 10 लोग जख्मी हो गए है. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मालूम हो कि श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने यह स्वीकार कर लिया है कि उनके गलत फैसलों की वजह से देश इतने विकट आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. उन्होंने सबकुछ ठीक करने का भरोसा दिलाया है.
राजपक्षे ने कही ये बात
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा, "पिछले ढाई साल में हमें कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. कोविड-19 महामारी के साथ कर्ज का बोझ और कुछ हमारी गलती...उन्हें दुरुस्त किए जाने की जरूरत है. हमें उन्हें दुरुस्त करते हुए आगे बढ़ना होगा. हमें लोगों का विश्वास दोबारा हासिल करना होगा."
इन गलतियों का किया जिक्र
श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि कर्ज का बोझ बढ़ने के साथ ही उन्हें तुरंत इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से संपर्क करना चाहिए था. इसके साथ ही देश में केमिकल फर्टिलाइजर पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए था. श्रीलंका की सरकार ने देश में कृषि को पूरी तरह ऑर्गेनिक करने के लिए केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल पर रोक लगा दिया था.
शेयर मार्केट पर लगा ताला
श्रीलंका ने ऐलान किया था कि वह कुछ समय तक दूसरे देशों के कर्ज का भुगतान नहीं कर पाएगा. इसी बीच 16 अप्रैल को रिपोर्ट आई थी कि श्रीलंका के प्रमुख शेयर बाजार कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज में 18 अप्रैल से पांच दिन तक ट्रेडिंग नहीं होगी. श्रीलंका के सिक्योरिटीज कमीशन ने कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज को यह आदेश दिया. इंवेस्टर्स को देश की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह समय दिया गया है.