श्रीलंका इस वक्त आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है और राजपक्षे सरकार मुसीबत में है. मंगलवार से कोलंबो में संसद का सत्र शुरू होगा. सत्र के एजेंडे पर चर्चा के लिए सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई. इधर, विपक्षी दल का गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) लाने की तैयारी कर रहा है.
SJB गठबंधन (Group of Opposition Parties) राजपक्षे सरकार के खिलाफ समर्थन जुटाने में लगा है और सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहा है. देश में आर्थिक संकट की स्थिति पैदा होने पर राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे से इस्तीफे की भी मांग की जा रही है.
प्रस्ताव वाले दिन एजेंडा तय करेगा विपक्ष
SJB गठबंधन के नेता मनो गणेशन ने इंडिया टुडे को बताया कि अब हम आने वाले सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (NCM) लाने की योजना बना रहे हैं. प्रस्ताव के दिन एजेंडा तय किया जाएगा. प्रदर्शनकारी पिछले 4 दिन से राष्ट्रपति सचिवालय के बाहर धरना दे रहे हैं. सरकार के खिलाफ विरोध तेज हो रहा है.
राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगा जा रहा
श्रीलंका में राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे से लगातार इस्तीफा देने की मांग की जा रही है. जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं. विपक्ष ने राजपक्षे की सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाया है. बता दें कि कोरोना महामारी के बाद से श्रीलंका की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई है, जिससे पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो गया है. श्रीलंका में विदेशी मुद्रा की कमी का भी संकट है, जिससे खाद्य और ईंधन आयात करने की क्षमता प्रभावित हुई है.