सोमाली समुद्री लुटेरों द्वारा अगवा किए गए छह श्रीलंकाई मछुआरों को बचा लिया गया है. श्रीलंका की नौसेना ने सोमवार को यह जानकारी दी. स्थानीय मीडिया ने बताया कि 'लोरेंजो पुथा 4' नाम के जहाज पर सवार बचाए गए मछुआरों को सेशेल्स की राजधानी ले जाया जा रहा है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीलंका नौसेना के हस्तक्षेप के बाद सेशेल्स के सुरक्षा बलों ने बचाव अभियान चलाया, जिसमें कहा गया कि सशस्त्र समूह के तीन सदस्यों ने सेशेल्स सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. बहु-दिवसीय मछली पकड़ने वाला ट्रॉलर लोरेंजो पुथा-4 अपनी पहली यात्रा पर निकला था. जहाज 12 जनवरी को मछली पकड़ने के लिए बंदरगाह से रवाना हुआ था.
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समुद्री डाकुओं ने मछुआरों और उनके ट्रोलर को किया था जब्त
रिपोर्ट में कहा गया है कि चालक दल में मराविला, चिलाव के छह मछुआरे शामिल थे और उनमें से तीन एक ही परिवार से हैं. श्रीलंका नौसेना के प्रवक्ता गयान विक्रमसूर्या ने रविवार को कहा कि मोगादिशु से 840 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा छह मछुआरों और उनके ट्रॉलर को पकड़े जाने पर श्रीलंका ने संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय समुद्री कमान को शनिवार को सतर्क किया था.
श्रीलंकाई नौसेना ने भारतीय मदद की कही बात
नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने मछुआरों को बचाने में श्रीलंका की मदद करने का वादा किया था. हालांकि, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में मछुआरों को छुड़ाने में भारत की तरफ से की गई कथित मदद का जिक्र नहीं है. भारत की तरफ से खबर लिखे जाने तक ऐसा कोई बयान नहीं आया है जिससे यह स्पष्ट हो कि भारत ने मछुआरों को छुड़ाने में मदद की है.
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अमेरिका के साथ मिलकर ऑपरेशन चला रहा श्रीलंका
श्रीलंकाई मछुआरों का अपहरण ऐसे समय में हुआ जब कुछ दिन पहले कोलंबो ने घोषणा की थी कि वह यमन स्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के खिलाफ लाल सागर में चलने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले अभियान में शामिल होगा. अमेरिका अपने सहयोगी देशों ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के साथ मिलकर हूती के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा है. सोमालिया लुटेरों ने हाल ही में एक विदेशी जहाज को पकड़ लिया था, जिसे भारतीय नौसेना ने ही छुड़ाया था.