पाकिस्तान में रमजान के दौरान वितरित होने वाले मुफ्त आटे के लिए आए दिन हंगामा देखने को मिल रहा है. लोग आटे के लिए मरने-मारने पर उतारू हैं. शहबाज शरीफ सरकार रमजान को देखते हुए महंगाई से त्रस्त गरीबों को मुफ्त आटा बांट रही है. रविवार को मुफ्त आटे के वितरण के दौरान ही खैबर पख्तूनख्वा में भगदड़ मच गई जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं.
पाकिस्तान के अखबार, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मर्दन के स्पॉर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मुफ्त आटा वितरण के लिए किसी तरह की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही थी. जो लोग मुफ्त आटे के लिए पात्र थे, उन्हें भी प्रशासनिक कर्मचारियों ने घंटों लाइन में इंतजार कराया.
इससे नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और नौशेरा रोड जाम कर दिया. प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और स्पॉर्ट्स कॉम्प्लेक्स के गेट पर पथराव किया गया. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और हवाई फायरिंग की जिसमें कई पाकिस्तानी घायल हो गए. इस घटना के दौरान कई महिलाएं और बुजुर्ग लोग बेहोश भी हो गए.
मुफ्त आटे की थैलियों का हो रहा गबन
पाकिस्तान मीडिया के अनुसार, मुफ्त आटे की सैकड़ों थैलियों का रोजाना गबन किया जा रहा है. नकली पर्चियां जारी कर आटे की थैलियों को गरीबों को देने के बजाए बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है. जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी चेकिंग नहीं होने व कर्मचारियों की कथित संलिप्तता के कारण रोजाना दर्जनों लोग मुफ्त के आटे से वंचित हो रहे हैं.
पाकिस्तान में मुफ्त और सब्सिडी वाले आटे के वितरण के दौरान इससे पहले भी भगदड़ होती रही है. इनमें कई लोगों के मारे जाने की खबरें भी आती रही हैं.
रमजान में लोगों को राहत दे रही पाकिस्तान की सरकार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रमजान से कुछ दिनों पहले घोषणा की थी कि करीब 1.58 करोड़ परिवारों को रमजान के महीने में मुफ्त गेहूं का आटा मुहैया कराया जाएगा. इसके लिए पाकिस्तान में बीस हजार अतिरिक्त वितरण केंद्र भी खोले गए हैं.
पाकिस्तान की सरकार ने महंगाई से जूझ रही आवाम को रमजान के महीने में राहत देने के लिए पांच अरब रुपये आवंटित किए हैं. इस पैकेज में से 1.15 अरब रुपये गरीबों को सब्सिडी देने पर खर्च होगी जबकि 3.84 अरब रुपये का इस्तेमाल सामान्य उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर सामान उपलब्ध कराने पर खर्च किया जाएगा. ये सब्सिडी वनस्पति घी, चाय, आटा, चीनी, दूध, पेय पदार्थ, खजूर और बेसन जैसी वस्तुओं पर दी जा रही है.