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अफगानिस्तानः तालिबान ने हेरात पर कब्जे के साथ ही 'शेर' इस्माइल खान को भी पकड़ा

पिछले कुछ दिनों में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के कई प्रमुख प्रांतीय शहरों को कब्जा में लेने का सिलसिला जारी है. इसी सिलसिले में नया नाम हेरात प्रांत का भी जुड़ गया.

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तालिबान ने अब हेरात शहर पर भी कब्जा जमाया (फाइल-पीटीआई/एपी)
तालिबान ने अब हेरात शहर पर भी कब्जा जमाया (फाइल-पीटीआई/एपी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हेरात एयरपोर्ट व सेना के कोर कमांडर के मुख्यालय से पीछे हटे
  • कमांडर इस्माइल खान को हेरात के शेर के रूप में जाना जाता है
  • सरेंडर करने वाले अफसरों को नुकसान नहीं पहुंचा रहा तालिबान

तालिबान विद्रोहियों ने अफगानिस्तान के तीसरे सबसे बड़े शहर हेरात के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया है, और वहां मिलिशिया प्रतिरोध का नेतृत्व करने वाले अनुभवी स्थानीय कमांडर इस्माइल खान को भी पकड़ लिया गया है. स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी.

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पिछले कुछ दिनों में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के कई प्रमुख प्रांतीय शहरों को कब्जा में लेने का सिलसिला जारी है. इसी सिलसिले में नया नाम हेरात प्रांत का भी जुड़ गया. ताबिलान की मजबूती अमेरिकी सेना की वापसी के बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार के लिए बड़ा झटका है. तालिबान के कब्जे में आए बुजुर्ग कमांडर इस्माइल खान को व्यापक रूप से हेरात के शेर के रूप में जाना जाता है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से कहा कि अफगान सरकारी बल शहर से 15 किमी (9 मील) दूर हेरात एयरपोर्ट और सेना के कोर कमांडर के मुख्यालय से पीछे हटने को राजी हो गए. अफगान के नियंत्रण में यहां पर यही दो अंतिम सेंटर्स थे. हालांकि अन्य सूत्रों ने कहा कि स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजे तक (08.30 GMT) अफगान सेना एयरपोर्ट पर मौजूद थी.

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तो कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे तालिबान

प्रांतीय परिषद के सदस्य गुलाम हबीब हाशिमी ने कहा, 'तालिबान इस बात पर सहमत हो गए कि वे आत्मसमर्पण करने वाले सरकारी अधिकारियों को कोई खतरा या नुकसान नहीं पहुंचाएंगे.'

जैसे ही लड़ाई कम हुई, ईरान के साथ सीमा के करीब 600,000 लोगों का एक प्रमुख आर्थिक केंद्र हेरात की सड़कों पर सन्नाटा छा गया. हेरात शहर की अपनी खास पहचना है और यह सदियों से फारसी संस्कृति के ऐतिहासिक केंद्रों में से एक रहा है. 

हेरात को 'भूत शहर' (ghost town) बताने वाले हाशिमी ने कहा, 'परिवार या तो चले गए हैं या अपने घरों में ही छिपे हुए हैं.' 

हबीब हाशिमी ने रॉयटर्स को बताया कि इस्माइल खान, हेरात का सबसे प्रमुख मिलिशिया कमांडर है और ऐसा माना जाता है कि उन्होंने अपने 70 के दशक के प्रांतीय गवर्नर और सुरक्षा अधिकारियों के साथ तालिबान को सौंप दिया है. हालांकि उनके पास सौदे की कोई जानकारी नहीं है.

तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद की ओर से भी यह पुष्टि की गई इस्माइल खान को कब्जे में ले लिया गया है. कमांडर इस्माइल खान को लेकर विद्रोहियों के हाथों में दिखाती तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए हैं, हालांकि उन्हें तुरंत सत्यापित नहीं किया जा सका है.

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