अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) जबतक अपनी नई सरकार का गठन नहीं कर लेता है, तबतक एक काउंसिल के जरिए पूरे देश को चलाया जाएगा. तालिबानी अभी अफगानिस्तान के नेताओं, सेना के अफसरों से चर्चा जारी रखेंगे और नई सरकार के फ्रेमवर्क पर काम किया जाएगा.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स को एक तालिबानी नेता ने बताया कि तालिबान सभी नेताओं, अफसरों से बात कर रहा है और हर किसी से बात करने के बाद नई सरकार (New Government) का गठन किया जाएगा. लेकिन अभी काउंसिल ही अफगानिस्तान को चलाएगी, इसकी अगुवाई Haibatullah Akhundzada कर सकते हैं.
तालिबानी कमांडर के मुताबिक, हमारी नई सरकार को लेकर अभी कई बातें साफ होनी हैं लेकिन एक चीज़ तय है कि अफगानिस्तान में लोकतंत्र नहीं होगा. हमारे यहां लोकतांत्रिक सिस्टम (Democratic System) का बेस नहीं है, ऐसे में ये साफ है कि मुल्क में सिर्फ शरिया कानून ही लागू किया जाएगा.
हामिद करजई से बीते दिन की थी मुलाकात
आपको बता दें कि तालिबानी नेताओं ने बीते दिन अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात की थी. कतर के दोहा में आने वाले दिनों में होने वाली बैठक में हामिद करजई भी शामिल होंगे, जहां पर अफगानिस्तान में तालिबान की नई सरकार बनाने को लेकर चर्चा की जाएगी.
तालिबान पहले ही कह चुका है कि जो भी होगा शरिया कानून के तहत होगा. लेकिन इस बार तालिबान का कहना है कि वह किसी को दुश्मन नहीं बनाना चाहता है, ऐसे में सरकार को सभी को मौका मिलेगा. इतना ही नहीं तालिबान ने महिलाओं से भी सरकार में शामिल होने के संकेत दिए हैं.
तालिबान की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपील की गई थी कि दुनिया उन्हें एक सरकार के रूप में मान्यता दे. तालिबान किसी भी एम्बेसी या विदेशी नागरिक को नुकसान ना पहुंचाने की बात कर रहा है. हालांकि, बीते दिनों में अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में तालिबानी क्रूरता की तस्वीरें सामने आ रही हैं.