पाकिस्तानी तालिबान से अलग हुए संगठन जमात उल अहरार ने 25 साल के एक युवक की पहचान उस आत्मघाती हमलावर के रूप में की है, जिसने वाघा सीमा के पास खुद को बम से उड़ा लिया था. इस घटना में 61 लोगों की मौत हुई थी. वाघा के आत्मघाती का निशाना थे भारतीय
उमर खोरासानी की अगुवाई वाले संगठन जमात उल अहरार ने हनीफुल्ला उर्फ हमजा के बारे में जानकारी जारी की है. इस संगठन ने दावा किया है कि उसने भारत से सटी सीमा पर समारोह में आत्मघाती विस्फोट किया था. हमलावर की एक तस्वीर भी जारी की गई है. यह युवक मोहमंद कबाइली क्षेत्र में सीमावर्ती इलाके का रहने वाला था.
गौरतलब है कि 2 नवंबर को वाघा बॉर्डर पर शाम के वक्त भारत और पाकिस्तान के ध्वजों को नीचे उतारने के लिए आयोजित समारोह के तुरंत बाद पाकिस्तान में बॉर्डर के करीब जबरदस्त विस्फोट हो गए था. इस आत्मघाती विस्फोट में 11 महिलाओं और तीन सुरक्षाकर्मियों समेत 61 लोग मारे गए थे, जबकि 200 लोग जख्मी हो गए थे.