काबुल एयरपोर्ट पर हुए बम धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन ISIS-K (आईएसआईएस-खुरासान) को तालिबान की तरफ से चेताया गया है. तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि इस्लाम के नाम पर कोई भी गुट किसी बहाने से किसी को भी मार नहीं सकता.
तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिदी ने आजतक से बातचीत में साफ कहा कि इस्लाम के नाम पर मासूम लोगों को मारने की कोई भी सफाई नहीं दी जा सकती है.
ISIS-K ने ली थी काबुल एयरपोर्ट पर हमले की जिम्मेदारी
बता दें कि पिछले हफ्ते काबुल एयरपोर्ट पर आत्मघाती हमले हुए थे. इसमें 169 अफगानों की मौत हो गई थी, वहीं 13 अमेरिकी सेना के लोगों ने भी जान गंवाई थी. बाद में आतंकी संगठन ISIS-K (आईएसआईएस-खुरासान) ने इसकी जिम्मेदारी ली थी. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिदी ने ISIS-K के उस हमले पर बात करते हुए कहा कि इस्लाम के नाम पर ऐसे हमले ठीक नहीं, जिसमें बेगुनाह लोग मारे जाएं. उन्होंने आगे कहा, 'अफगान के लोगों को शांतिपूर्ण जीवन जीने का अधिकार है, जहां हिंसा ना हो.'
जबीउल्लाह मुजाहिदी से जब यह पूछा गया कि आखिर तालिबान के चेकपाइंट्स से निकलते हुए आतंकी एयरपोर्ट के पास तक कैसे पहुंच गए? इसपर उन्होंने अमेरिकी सेना पर ठीकरा फोड़ा और बोले कि एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिकी जवानों की है, क्योंकि फिलहाल वह उनके ही कंट्रोल में है.
मसूद अजहर से मिलने की खबरों को बताया अफवाह
ऐसी खबरें थीं कि तालिबान के कुछ लोग आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर से मिले हैं. ऐसी खबरों को प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिदी ने नकार दिया. खबरें थीं कि मसूद अजहर ने कंधार में तालिबान नेताओं से मीटिंग करके जम्मू कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए साथ मांगा था. इसपर प्रवक्ता ने कहा, 'ये अफवाहें हैं, जिनमें कोई सच्चाई नहीं है.'
प्रवक्ता से पंजशीर प्रांत के बारे में भी सवाल किया गया. यह अफगानिस्तान का अकेला प्रांत है जहां तालिबान का कब्जा नहीं है. जबीउल्लाह मुजाहिदी ने कहा कि पंजशीर के नेताओं संग बातचीत चल रही है और बातचीत से मसले का हल निकालने की कोशिश हो रही है.