पाकिस्तान में हिंदुओं के मंदिरों पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. सोमवार को सिंध प्रांत के थरपरकार जिले के एक आश्रम में कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया.
खबर के मुताबिक तीन से चार बदमाश 'फकीर पर ब्रह्म' आश्रम में घुस आए और उन्होंने वहां से त्रिशूल चुरा लिया और भगवान की मूर्ति के कपड़े को अपवित्र कर फरार हो गए. इस घटना के बाद सिंध के छोटे-बड़े हिंदू संगठनों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया.
थरपरकार हिंदू पंचायत के सदस्य और विरोध-प्रदर्शन के अगुवा राजा भवन ने कहा, 'सिंध प्रांत में एक षड्यंत्र के तहत हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है. हम चाहते हैं कि सरकार इसमें शामिल लोगों का पर्दाफाश करे'.
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं ने कहा कि बदमाशों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. आश्वासन मिलने के बाद मामला शांत हुआ. प्रदर्शनकारियों के साथ धरने पर बैठे पीटीआई के नेता लाल मल्ही ने कहा, 'हमारे समुदाय पर हो रहे लगातार हमलों के बावजूद सिंध सरकार अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में नाकाम रही है'.
आपको बता दें कि सिंध में मुसलमानों के बाद सबसे बड़ी आबादी हिंदुओं की है. वहीं, थरपरकार जिला हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए जाना जाता है. यहां पर दुकानदार गाय का मांस भी नहीं बेचते हैं.
गौरतलब है कि 28 अप्रैल को कराची के लतीफाबाद स्थित हनुमान मंदिर में तीन नकाबपोश लोगों ने पहले हनुमान की मूर्ति को तोड़ा और फिर मिट्टी का तेल छिड़ककर मंदिर में आग लगा दी. वहीं सिंध में ही 16 मार्च को एक हिंदू मंदिर पर हमला हुआ था लेकिन वह घटना दो व्यक्तियों की निजी रंजिश का नतीजा बताई गई थी. इससे पहले 15 मार्च को लरकाना में भीड़ ने एक धार्मिक पुस्तक को कथित तौर पर अपवित्र किए जाने को लेकर एक मंदिर और धर्मशाला को आग लगा दी थी. तब पुलिस को क्षेत्र में कर्फ्यू लगाना पड़ा था.