इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला इंक (Tesla Inc.) के सीईओ और अरबपति एलन मस्क ने ट्विटर के जरिए कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने वाली बेस्ट कैप्चर टेक्नोलॉजी को 10 करोड़ डॉलर यानी करीब 730 करोड़ रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है.
जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए प्लेनेट-वार्मिंग उत्सर्जन पर कब्जा करना कई योजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है, लेकिन इस टेक्नोलॉजी पर आज तक बहुत कम तरक्की हुई है, जिसमें हवा से कार्बन निकालने के बजाए उत्सर्जन में कटौती पर ध्यान केंद्रित किया गया है.
द इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने पिछले साल के अंत में कहा था कि अगर देशों को शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य पूरा करना है तो कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी की तैनाती में तेज वृद्धि की जरूरत है.
एलन मस्क ने आज अपने ट्वीट में कहा, 'बेस्ट कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी के लिए 10 करोड़ डॉलर दान दे रहा हूं.' इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि वो इसकी जानकारी अगले हफ्ते देंगे. हालांकि टेस्ला इंक के अधिकारियों ने अतिरिक्त जानकारी देने के अनुरोध पर तुरंत जवाब नहीं दिया.
Am donating $100M towards a prize for best carbon capture technology
— Elon Musk (@elonmusk) January 21, 2021
स्पेस-एक्स के भी संस्थापक हैं मस्क
49 वर्षीय एलन मस्क स्पेस-एक्स के भी संस्थापक भी रहे हैं. उन्होंने बिजनेस की शुरुआत साल 1999 में की, जब उन्होंने और भाई किंबल ने अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी 'जिप-2' की सफल डील की और इससे मिले पैसे से मस्क ने 'एक्स डॉट कॉम' नाम की कंपनी खोली. अब यह कंपनी 'पे-पाल' के नाम से जानी जाती है जिसे साल 2002 में ई-बेय ने खरीद लिया था और इसके लिए उन्हें 165 मिलियन डॉलर मिले थे.
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बाद में एलन मस्क ने अंतरिक्ष अन्वेषण की तकनीकों पर काम करना शुरू किया. उन्होंने इस कार्यक्रम को 'स्पेस-एक्स' का नाम दिया. 2004 में मस्क ने इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला की बुनियाद रखी.
पिछले दिनों एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर शख्स भी बने थे. अमेजन के जेफ बेजॉस को पीछे छोड़ते हुए टेस्ला के सीईओ मस्क चंद दिनों के लिए दुनिया के सबसे अमीर शख्स बन गए थे.