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'हफ्ते में 40 घंटे ऑफिस आओ वरना...', Elon Musk का Tesla के कर्मचारियों को सख्त फरमान

टेस्ला (Tesla) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किया है. इसका दावा किया जा रहा है. एक स्क्रीनशॉट ट्विटर पर वायरल हो रहा है.

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एलन मस्क (फाइल फोटो)
एलन मस्क (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टेस्ला कंपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनाती है
  • मस्क की इस कंपनी का हेड ऑफिस अमेरिका के टेक्सास में है

ट्विटर डील करने के बाद एलन मस्क (Elon Musk) ने अब अपनी कार कंपनी टेस्ला को लेकर सख्त फैसला लिया है. सोशल मीडिया पर टेस्ला से जुड़ा एक मेल लीक हुआ है. इसमें कोरोना की वजह से शुरू हुआ वर्क फ्रॉम होम (WFH) खत्म करने का ऐलान किया गया है.

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मेल में सख्त लहजे में लिखा गया है कि कर्मचारी को कम से कम 40 घंटे (प्रति हफ्ते) ऑफिस में आकर काम करना होगा.

अब मान लीजिए कि टेस्ला में पांच दिन काम होता है और बाकी दो दिन छुट्टी होती है. तो ऐसे में पांच दिन के हिसाब से रोज के करीब 8 घंटे बनते हैं.

लीक स्क्रीनशॉट के साथ दावा किया गया है कि यह मेल एलन मस्क की तरफ से टेस्ला के कर्मचारियों को लिखा गया है. मेल में भी उनका नाम लिखा है. एलन मस्क ने टेस्ला के कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि या तो वे ऑफिस से आकर काम करें, वरना टेस्ला छोड़ दें.

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फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह मेल क्या सच में एलन मस्क की तरफ से किया गया है. हालांकि, कंपना द्वारा इसपर कोई सफाई नहीं दी गई है.

एक शख्स ने मस्क को टैग कर मेल से जुड़ा सवाल भी किया. इसपर मस्क ने कहा कि उनको कहीं और काम करने का दिखावा करना चाहिए.

ऑर्डर में लिखा है कि कर्मचारियों को टेस्ला के मेन ऑफिस में आना होगा. अगर कोई कर्मचारी दूर स्थित ब्रांच ऑफिस में जाकर काम करेगा तो उससे काम नहीं चलेगा. मतलब मेन ऑफिस ही आना पड़ेगा. मेल में यह भी लिखा है कि फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी इससे (8 घंटे) ज्यादा देर ऑफिस में रहते हैं.

भारत में प्लांट लगाना चाहते हैं मस्क

टेस्ला कंपनी इन दिनों दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रही है. मस्क भारत में भी इसका प्लांट लगाना चाहते हैं लेकिन अभी कई दिक्कतें हैं. पिछले ही हफ्ते मस्क ने कहा था कि टेस्ला उस जगह पर अपना कोई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नहीं लगाएगी, जहां उसे पहले कार को बेचने और सर्विस देने की अनुमति ना मिले.

मस्क लंबे समय से भारत में टेस्ला की कार को बेचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए वह सरकार से आयात शुल्क में छूट चाहते हैं. भारत सरकार टेस्ला को कई मंचों से साफ कर चुकी है कि उन्हें अगर इंडिया में अपनी कार बेचनी है तो उसका उत्पादन यहीं करना होगा. चीन में बनी कार यहां नहीं बिकेगी. आयात शुल्क में छूट की जगह सरकार उन्हें PLI Scheme का फायदा उठाने के लिए भी कह चुकी है.

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