बांग्लादेश में फिर से माहौल गर्माने लगा है. शनिवार को राजधानी ढाका में सैनिकों ने अपनी गश्त तेज कर दी है. दरअसल, देश में बढ़ते तनावों के बीच नवगठित छात्र-नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) ने सेना पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया था. इसके बाद सेना ने अपनी गश्त तेज कर दी है.
छात्रों ने लगाया सेना पर आरोप
NCP ने ढाका विश्वविद्यालय के परिसर में विरोध प्रदर्शन किए, जिसमें उन्होंने "सेना समर्थित साजिश" का विरोध करते हुए यह दावा किया कि इस साजिश के तहत प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को अगले चुनावों में भाग लेने के लिए फिर से प्रयास किया जा रहा है. अवामी लीग को पिछले साल जुलाई-अगस्त में छात्र-नेतृत्व वाले हिंसक सड़कों पर प्रदर्शन के कारण सात महीने पहले सत्ता से उखाड़ दिया गया था.
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NCP के एक प्रमुख नेता ने सेना पर "राजनीतिक हस्तक्षेप" का आरोप लगाया. वहीं, छात्रों ने शेख हसीना को फांसी देने की मांग की. हालांकि, सेना जिसे अब पूरे देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा सौंपा गया है उसने राजधानी में अपनी गश्त तेज कर दी है.
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दो दिन पहले एक फेसबुक पोस्ट में एक छात्र ने दावा किया था कि हसीना की पार्टी को लेकर सेना साजिश रच रही है.
बता दें कि हसीना 5 अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं. यूनुस, जो पहले पिछली सरकार से विवादों में थे, उस समय पेरिस में थे और हसीना के उखाड़े जाने के बाद SAD नेताओं के आह्वान पर ढाका पहुंचे और 8 अगस्त को मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली.