डोनाल्ड ट्रंप ने जब से अमेरिका की सत्ता संभाली है, उनके हर एक फैसले से दुनिया हैरान हो रही है. वह पहले दिन से ही टैरिफ का धौंस दिखाकर नया टैरिफ वॉर शुरू कर रहे हैं. कनाडा से लेकर मेक्सिको और चीन पर ट्रंप टैरिफ लगा चुके हैं. लेकिन ट्रंप की इस टैरिफ की धमकी से सबसे ज्यादा परेशान चीन है. लेकिन सवाल है क्यों?
रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश चीन है. 2023 में चीन ने 3,380 अरब डॉलर का निर्यात किया था. वहीं, इस लिस्ट में भारत 17वें नंबर पर है, जिसने 432 अरब डॉलर का निर्यात किया था.
चीन के साथ अमेरिका का कितना है कारोबार?
2024 में चीन के साथ अमेरिका का अनुमानित कारोबार 582.4 अरब डॉलर रहा है. 2024 में चीन में अमेरिका का निर्यात 143.5 अरब डॉलर था जो 2023 के मुकाबले 2.9 फीसदी कम था. वहीं, 2024 में चीन से अमेरिका में निर्यात 438.9 अरब डॉलर था जो 2023 के मुकाबले 2.8 फीसदी बढ़ा.
अमेरिका के टैरिफ का चीन पर कितना होगा असर?
- चीन पर अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाए जाने से चीन के एक्सपोर्ट पर सीधा असर पड़ेगा. इससे चीन का निर्यात घटेगा. नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च (NBER) की रिपोर्ट से पता चला है कि 2018 और 2019 के बीच अमेरिका की ओर से चीन पर टैरिफ लगाए जाने के बाद इसका एक्सपोर्ट लगभग 20 फीसदी तक घट गया था. अकेले 2019 में ही चीन का अमेरिका को किया जाने वाला निर्यात 35 अरब डॉलर तक घट गया था. यह गिरावट इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और टेक्सटाइल्स में देखा गया.
- अमेरिकी टैरिफ से चीन की जीडीपी ग्रोथ पर भी असर होगा. चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, ट्रेड वॉर और टैरिफ से चीन की सालाना जीडीपी ग्रोथ घटी थी. 2019 में चीन की जीडीपी पर सबसे ज्यादा असर देखा गया था. ब्लूमबर्ग की 2020 की स्टडी से पता चला था कि अमेरिकी टैरिफ से चीन की जीडीपी में लगभग 0.5 फीसदी की गिरावट देखी गई थी.
- इस टैरिफ से चीन की मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार पर भी असर पड़ेगा. चीन सरकार के डेटा के मुताबिक, टैरिफ से चीन की कुछ इंडस्ट्रीज में मैन्युफैक्चरिंग पर असर पड़ सकता है. दरअसल अमेरिका की ओर से मांग कम होने से उत्पादन कम होगा.
- चीन पर अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने से ड्रैगन के ट्रेड संतुलन पर असर पड़ेगा. अमेरिकी टैरिफ से पहले भी चीन का कारोबार डगमगाया था. 2020 में अमेरिका के साथ चीन का ट्रेड सरप्लस लगभग 310 अरब डॉलर था जो 2019 के मुकाबले ज्यादा है.
- ट्रंप के चीन पर लगाए गए टैरिफ से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर असर पड़ सकता है. ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान जब चीन पर टैरिफ लगाया गया था तो 2019 में चीन में एफडीआई 9 फीसदी तक गिर गया था. हालांकि, यूरोप और एशिया से चीन को अच्छा-खासा निवेश मिल गया था.