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ट्रंप का टैरिफ तोड़ देगा भारत के इन पड़ोसी देशों की कमर... PAK-चीन-बांग्लादेश को कितनी पड़ी चोट?

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका से व्यापार करने वाले देशों पर भारी टैरिफ की घोषणा की है. भारत पर जहां उन्होंने 27% का टैरिफ लगाया है, वहीं, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे भारत के पड़ोसी देशों पर ये टैरिफ और ज्यादा है. पाकिस्तान, बांग्लादेश अमेरिका को भारी मात्रा में निर्यात करते हैं और टैरिफ की वजह से उन्हें बहुत नुकसान होने वाला है.

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डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ने भारत समेत उसके पड़ोसी देशों को परेशान कर दिया है (Photo- Reuters)
डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ने भारत समेत उसके पड़ोसी देशों को परेशान कर दिया है (Photo- Reuters)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कहे मुताबिक, 2 अप्रैल को दुनिया के कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया. व्हाइट हाउस के रोज गार्डन के एक इवेंट में टैरिफ का ऐलान करते हुए ट्रंप ने कहा कि 'ये हमारी आजादी की घोषणा है.' ट्रंप ने अमेरिका से व्यापार करने वाले सभी देशों पर 10% का बेस टैरिफ लगाया है. इसके अलावा भारत, चीन समेत दर्जनों देशों पर 10 प्रतिशत के अतिरिक्त उच्च टैरिफ लगाया गया है. ट्रंप ने भारत पर 27% रियायती रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की है. भारत के पड़ोसी देशों चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका पर भी टैरिफ की मार पड़ी है.

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10% का बेस टैरिफ 5 अप्रैल से लागू हो जाएगा और बचा टैरिफ 9 अप्रैल से लागू होने वाला है. बहुत से देश अमेरिकी सामानों पर ज्यादा आयात शुल्क लगाते आए हैं. अमेरिका का कहना है कि उसके सामानों पर ज्यादा आयात शुल्क लगाने वाले सभी देशों से आयात पर वो भी ज्यादा आयात शुल्क लगाएगा. इस तरह के टैरिफ को रेसिप्रोकल टैरिफ कहा जा रहा है.

ट्रंप का कहना है कि नए टैरिफ से विदेशी सामानों को अमेरिका में लाना महंगा हो जाएगा जिससे कंपनियां अमेरिका में आकर ही प्रोडक्ट बनाना शुरू करेंगी और नौकरियों के ज्यादा अवसर पैदा होंगे.

ट्रंप ने कहा, 'दशकों से हमारे देश को नजदीक और दूर के देशों, दोस्त और दुश्मन, सभी देशों ने हमें लूटा, हम पर डाका डाला गया है.'

ट्रंप का कहना है कि अब वो भी दुनिया के देशों पर बराबर का टैरिफ लगाएंगे और उन्होंने इसकी घोषणा भी कर दी है कि किस देश पर कितना टैरिफ लगाने जा रहे हैं.

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ट्रंप के टैरिफ से पाकिस्तान और होगा बदहाल?

पाकिस्तान अमेरिका से आयातित सामानों पर 58% का टैरिफ लगाता है. अब ट्रंप ने कहा है कि वो पाकिस्तान से आयातित सामानों पर 30% का टैरिफ लगाएंगे. पाकिस्तान और अमेरिका के बीच साल 2024 में 7.3 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था जिसमें अमेरिका ने पाकिस्तान को 2.1 अरब डॉलर का निर्यात किया था. वहीं, पाकिस्तान ने 5.1 अरब डॉलर का सामान अमेरिका को निर्यात किया था. इस आकड़े से स्पष्ट है कि अमेरिका के साथ व्यापार में पाकिस्तान मुनाफे में है क्योंकि उसका निर्यात अमेरिका को ज्यादा है. 

अब पाकिस्तान के लिए अमेरिका में सामान बेचना काफी मुश्किल हो जाएगा क्योंकि टैरिफ के बाद पाकिस्तानी सामान अमेरिकी खरीददारों के लिए महंगे हो जाएंगे. इसे देखते हुए या तो अमेरिकी खरीददार कम मात्रा में पाकिस्तानी सामान खरीदेंगे या इसका कोई और विकल्प तलाशेंगे. इन दोनों ही परिस्थितियों में नुकसान पाकिस्तान का होगा.

पाकिस्तान पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिले कर्ज के सहारे अपनी अर्थव्यवस्था चला रहा है. आसमान छूती महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी की मार झेल रहे पाकिस्तान को नए टैरिफ से बड़ा झटका लगा है.

चीन

ट्रंप ने चीन पर 34% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. चीनी सामानों पर पहले से ही 20% का टैरिफ लगा है. दोनों टैरिफ को मिला दें तो चीनी आयातों पर अमेरिका 54% का टैरिफ लगा रहा है. चीन अमेरिकी सामानों पर 64% टैरिफ लगाता है. चीन के मुकाबले ट्रंप ने उस पर थोड़ी रियायत बरती है. 

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चीन पर टैरिफ की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मेरे मन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए बहुत सम्मान है लेकिन चीन हमारा अत्यधिक फायदा उठा रहा है.'

चीन और अमेरिका के व्यापार की बात करें तो  2024 में दोनों देशों के बीच व्यापार पिछले साल से 11.1% बढ़कर 23.1 अरब डॉलर तक पहुंचा गया. चीन ने उस साल अमेरिका को 20.2 अरब डॉलर का निर्यात किया जो पिछले साल के मुकाबले 17% ज्यादा था. इसके साथ ही 2024 में चीन का अमेरिका से आयात 18.2% घटकर 2.8 अरब डॉलर हो गया.

चीन अमेरिका को 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निर्यात करता है और अब अमेरिका में चीनी सामान 34% ज्यादा महंगे हो जाएंगे. इसे देखते हुए अमेरिका में चीनी सामानों की मांग घट सकती है जो चीन के लिए बड़ा झटका साबित होगा. अब चीन को अपना सामान बेचने के लिए नए बाजार की तलाश करनी होगी या फिर चीनी कंपनियों को अमेरिका में जाकर अपने प्रोडक्ट्स बनाने होंगे.

ट्रंप का टैरिफ बांग्लादेश की बदहाल अर्थव्यवस्था को और कमजोर करेगा

ट्रंप ने भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश पर 37% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. बांग्लादेश अमेरिकी आयातों पर 74% का टैरिफ लगाता है. अमेरिका और बांग्लादेश के बीच साल 2024 में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 8.4 अरब डॉलर का हो गया था जो कि पिछले साल के मुकाबले 1.1% ज्यादा था. इस पूरे व्यापार में अमेरिका ने बस 2.2 अरब डॉलर का सामान बांग्लादेश को निर्यात किया. बांग्लादेश अमेरिका को भारी मात्रा में कपड़े निर्यात करता है. टैरिफ के बाद ट्रंप के टैरिफ की सबसे बड़ी मार बांग्लादेश के वस्र उद्योग पर ही पड़ेगी.

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अमेरिका बांग्लादेशी कपड़ों के लिए बड़ा बाजार रहा है. यहां का वस्त्र उद्योग बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा करता है लेकिन अब ट्रंप के टैरिफ के कारण अमेरिका में बांग्लादेशी कपड़ों की मांग में भारी गिरावट देखी जा सकती है. इससे वस्त्र उद्योग प्रभावित होगा और नौकरियां जाएंगी.

साउथ एशियन नेटवर्क ऑन इकोनॉमिक मॉडलिंग के कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर सलीम रेहान ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'बांग्लादेश के लिए यह बदलाव बड़ी चुनौतियां लेकर आएगा. बांग्लादेश में सरकार अस्थिर है और ऐसी स्थिति में टैरिफ की वजह से गंभीर आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.'

बांग्लादेश में पिछले साल शेख हसीना सरकार का तख्तापलट हो गया था जिसके बाद अब देश की कमान अंतरिम सरकार के हाथ में है. अंतरिम सरकार का नेतृत्व नोबेल विजेत मोहम्मद यूनुस कर रहे हैं. शेख हसीना के जाने के बाद से बांग्लादेश आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा है.

दिवालिया श्रीलंका पर ट्रंप का 44% टैरिफ

ट्रंप ने श्रीलंका पर 44% का टैरिफ लगाया है. वहीं, श्रीलंका की बात करें तो वो अमेरिकी आयातों पर 88% का भारी टैरिफ लगाता है. 2024 में अमेरिका और श्रीलंका का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3.4 अरब डॉलर था. अमेरिका श्रीलंका को काफी कम निर्यात करता है. 2024 में अमेरिका ने भारत के पड़ोसी द्वीप देश को 36.82 करोड़ डॉलर का निर्यात किया था वहीं, श्रीलंका ने अमेरिका को 3 अरब डॉलर का सामान बेचा था. 

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ट्रंप ने श्रीलंका पर जो टैरिफ लगाया है उसके बाद तय है कि श्रीलंकाई सामानों की कीमत अमेरिका में बढ़ जाएगी. श्रीलंका सालों से आर्थिक बदहाली से गुजर रहा है और 2022 में उसने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था. श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि उनका देश 2026 तक दिवालियापन से निकल जाएगा. ऐसे में ट्रंप का टैरिफ श्रीलंका को दिवालियापन से उबरने में बड़ी बाधा बन सकता है.

म्यांमार

ट्रंप ने म्यांमार पर 45% का टैरिफ लगाया था. म्यांमार अमेरिकी आयात पर 88% का टैरिफ लगाता है. 2024 में अमेरिका और म्यांमार के बीच 73.4 करोड़ डॉलर का व्यापार हुआ था. अमेरिका ने म्यांमार को 7.7 करोड़ डॉलर का सामान निर्यात किया था. 

म्यांमार पहले ही भारी राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है जहां सेना सरकार चला रही है. देश की आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब है और पिछले हफ्ते आए विनाशकारी तूफान में  28,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. ऐसे में ट्रंप का टैरिफ म्यांमार के लिए बड़ा झटका है.

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