मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच तुर्की और इजरायल के रिश्ते निम्नतम स्तर पर है. अब तुर्की ने इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग के एक अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है. दरअसल, इजरायली राष्ट्रपति अजरबैजान की राजधानी बाकू में चल रहे COP 29 जलवायु शिखर सम्मेलन में जाने के लिए तुर्की के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करना चाहते थे. लेकिन तुर्की ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है.
तुर्की की सरकारी न्यूज एजेंसी Anadolu Agency की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की के अधिकारियों ने कहा कि इजरायली अधिकारियों ने अनुरोध किया था कि तुर्की 29वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में हिस्सा जाने के लिए हर्जोग के विमान को तुर्की के हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत दे. हालांकि, तुर्की के अधिकारियों ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया.
इससे पहले इजरायली राष्ट्रपति के कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए हर्जोग सम्मेलन में नहीं जा रहे हैं. अक्टूबर 2023 में इजरायल और हमास के बीच जंग छिड़ने के बाद इजरायल और तुर्की के रिश्ते बेहद खराब हुए हैं.
तुर्की ने इजरायल से तोड़ लिए हैं अपने सभी आधिकारिक संबंध
बीते हफ्ते तुर्की की स्थानीय मीडिया ने राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के हवाले से यह खबर चलाई कि तुर्की ने इजरायल के साथ अपने सभी आधिकारिक रिश्ते तोड़ लिए हैं.
न्यूज आउटलेट Medya Ege के मुताबिक, एर्दोगन ने कहा, 'एक देश के रूप में तुर्की ने इजरायल के साथ अपने सभी संबंध तोड़ लिए हैं. इस वक्त इजरायल के साथ हमारे कोई संबंध नहीं हैं.' एर्दोगन ने मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष को लेकर कहा कि तुरंत युद्धविराम होना चाहिए.
बीते बुधवार को भी राष्ट्रपति एर्दोगन ने मध्य-पूर्व के संघर्ष पर एक बयान दिया. उन्होंने कहा कि तुर्की ने व्यापार रोकने जैसे कदमों के जरिए फिलिस्तीन में इजरायल के अत्याचारों का सबसे कड़ा जवाब दिया है.
तुर्की पर हमला कर सकता है इजरायल
तुर्की और इजरायल के बीच तनाव का आलम ये है कि तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलेर ने बीते हफ्ते कहा था कि इजरायल तुर्की पर हमला कर सकता है. उन्होंने कहा था, 'हमारे राष्ट्रपति हमारे लोगों को चेतावनी दे रहे हैं क्योंकि वे इस खतरे को देख रहे हैं. अगर राष्ट्रपति को इजरायल से कोई संभावित खतरा नहीं दिखता तो क्या वे ऐसी चिंताएं जताते?
गुलेर ने कहा कि पिछले विश्व युद्धों की शुरुआत मामूली घटनाओं से ही हुई थी. इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी कि संघर्ष अचानक भी भड़क सकता है और तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो सकती है.
मंत्री ने आगे कहा, 'बेशक, हम युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए.' इससे पहले तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने इजरायल को तुर्की के लिए सीधा खतरा बताया था.