मार्क जुकरबर्ग ने भी कबूल कर लिया है और एक नई स्टडी से भी साबित हो गया है कि टीनएजर्स के बीच फेसबुक अब पहले की तरह कूल और लोकप्रिय नहीं रहा.
एक स्टडी के मुताबिक ट्विटर ने सबसे जरूरी सोशल मीडिया नेटवर्क के तौर पर फेसबुक को पछाड़ दिया है.
पिछले साल 42 फीसदी टीनएजर्स ने फेसबुक की रेटिंग सबसे जरूरी सोशल मीडिया के रूप में की थी, जबकि इस साल केवल 23 फीसदी ने इसे प्रभावी वेबसाइट बताया. वहीं, फेसबुक के मुकाबले 26 फीसदी टीनएजर्स ने ट्विटर को सबसे जरूरी सोशल मीडिया साइट कहा है. आपको बता दें कि ये स्टडी अमेरिकन इन्वेस्टमेंट फर्म पीपर जैफ्रे ने की है, जिसके तहत टीनएजर्स के फैशन ट्रेंड्स, ब्रांड और मीडिया चयन पर जानकारी इकट्ठा की गई.
एक दूसरी स्टडी 'प्यूस टीन्स, सोशल मीडिया एंड प्राइवेसी रिपोर्ट' ने भी कुछ इसी तरह का निष्कर्ष निकाला है. अमेरिका के प्यूस फोकस ग्रुप का कहना है कि अब बच्चों के माता-पिता और घर के बड़े भी फेसबुक पर सक्रिय हो गए हैं और यही वजह है कि टीनएजर्स में इसकी लोकप्रियता घटती जा रही है. इसके अलावा ओवर शेयररिंग और फेसबुक फ्रेंड्स के बीच बढ़ता ड्रामा भी इसका कारण हैं.
प्यू की रिसर्च के मुताबिक इन सबके बावजूद टीनएजर्स फेसबुक का इस्तेमाल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि सोशलाइज करने के लिए टीनएजर्स इसे जरूरी मानते हैं.
रिसर्च ने यह भी पाया कि टीनएजर्स के औसतन 300 फेसबुक फ्रेंड्स होते हैं, जबकि ट्विटर पर सिर्फ 79 फॉलोअर्स.
जुकरबर्ग खुद भी टीनएजर्स से इत्तेफाक रखते हैं कि अब फेसबुक पहले की तरह कूल नहीं रहा. उनके मुताबिक, 'लोगों को लगता है कि हम कूल दिखने की कोशिश करते हैं. लेकिन ये कभी मेरा मकसद नहीं था. मैं तो फेसबुक पर मौजूद सभी लोगों में सबसे कम कूल हूं. हम लगभग 10 साल पुराने हैं इसलिए हम पहले की तरह नहीं कूल नहीं और अब हमारे लिए ऐसी चीजें तैयार भी नहीं की जातीं.'
जकरबर्ग फेसबुक को कूल बनाने के बजाए इसे बिजली की तरह एक एक ऐसा टूल बनाना चाहते हैं, जिसका इस्तेमाल लोग हर रोज करते हैं.