रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के जंग का ऐलान करने के बाद यूक्रेन ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. रूसी हमले के बीच यूक्रेन को डर है कि उनके यहां आने वाली फ्लाइट्स पर साइबर अटैक किया जा सकता है. इसके अलावा सिविलियन फ्लाइट्स को निशाना बनाते हुए शूटडाउन करने का खतरा भी बना हुआ है. यूक्रेन स्टेट एयर ट्रैफिक सर्विस के मुताबिक जोखिमों को देखते हुए गुरुवार को पूरे यूक्रेन के एयरस्पेस को सिविल फ्लाइट्स के लिए बंद कर दिया गया है.
एजेंसी के मुताबिक इजराइल के तेल अवीव से कनाडा के टोरंटो के लिए उड़ी फ्लाइट ने देर रात यूक्रेन के हवाई क्षेत्र से अचानक यू-टर्न ले लिया. इस घटना के बाद फ्लाइट्स को लेकर अलर्ट और ज्यादा बढ़ा दिया गया है. बता दें कि यूरोप के विमानन नियामक (aviation regulator) ने पहले ही सैन्य गतिविधियों के कारण रूस और बेलारूस की सीमा से लगे इलाकों में उड़ान के खतरों को लेकर चेतावनी जारी की थी. यूरोप ने कहा था कि युद्ध के हालातों के बीच सिविल फ्लाइट को लेकर गलतफहमी हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो कई लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाएगी. वहीं, गुरुवार को एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI1947 यूक्रेन की राजधानी कीव से दिल्ली वापस लौटी है. इसमें मेडिकल छात्रों सहित कई भारतीय नागरिक आए हैं.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने भेजी चेतावनी
यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने दावा किया है कि रूस की तरफ से 12.45 (GMT) ग्रीनविच मीन टाइम पर उड़ानों को लेकर चेतावनी जारी की थी. चेतावनी में कहा गया था कि सैन्य उपकरणों के उपयोग के कारण फ्लाइट्स की उड़ानों के लिए जोखिम हो सकता है. इसलिए यूक्रेन के एयर ट्रैफिक को तुरंत रोक दिया जाए.
NOTAM जारी होने के बाद दुनिया अलर्ट
दरअसल दुनिया के ज्यादातर देश यूक्रेन के एयरस्पेस के लिए NOTAM जारी होने के बाद अलर्ट हो गए हैं. NOTAM का मतलब नोटिस टू एयरमैन (Notice to Airmen) या नोटिस टू एयरमिशन (Notice to Air Missions) होता है. यह एक नोटिस होता है, जो कोई एविएशन अथॉरिटी जारी करती है. यह उन पायलट्स को जारी किया जाता है, जो जोखिम वाले एयरस्पेस का उपयोग करते हों.
8 साल पहले हुए हादसे से लिया सबक
दरअसल, 2014 में पूर्वी यूक्रेन के ऊपर मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच 17 को शूटडाउन कर दिया गया था. इसलिए इस बार विमान कंपनियां हमले को लेकर पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं.