यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) को अब से कुछ दिन पहले तक दुनिया का एक वर्ग नहीं जानता था, लेकिन अब रूस के हमले के बाद उनको तमाम लोग जानने लगे हैं.
यूरोपियन यूनियन के तमाम नेता पिछले गुरुवार को ब्रुस्लेस में इमरजेंसी समिट के लिए मिले थे. जिसके बाद यह तय किया गया था कि रूस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे. लेकिन जब ये मीटिंग खत्म हुई, तब जर्मन चांसलर ओलाफ स्कूलज ने मीडिया से बात करते हुए कहा-'हमारा फोकस नए प्रतिबंध न लगाकर, उन प्रतिबंध को लगाना है जिनके लिए पहले से ही अनुमति मिली हुई है.'
इस समिट के बाद यूरोपियन यूनियन से जुड़े देशों के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव और रूस के बड़े बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिए. इसके बाद रूस के लिए यूक्रेन के साथ युद्ध को जीतना फिलहाल आसान नहीं लग रहा है.
वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समिट में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की काफी इमोशनल नजर आए थे. वीडियो कॉल खत्म करने से पहले उन्होंने कहा था कि हम यूरोपियन आदर्शवाद की वजह से खत्म हो रहे हैं. एक अधिकारी ने बताया कि जेलेंसकी की अपील का यूरोपियन यूनियन के नेताओं पर भी असर पड़ा.
वहीं इस मीटिंग में उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि आप सभी मुझे अंतिम बार जिंदा देख रहे हों. ये बातें वाशिंगटन पोस्ट को एक वरिष्ठ अधिकारी ने साझा की.
इस अधिकारी ने ये भी बताया कि उनकी आंखों में आंसू थे. 5 मिनट वह बोले. जेलेंस्की ने कीव से बोलते हुए यूरोपियन यूनियन के नेताओं से अपील की और कहा, 'आप हमारे बारे में ईमानदारी से मूल्यांकन करें. रूस के खिलाफ लड़ाई में मदद करें.' जिसके बाद कई प्रतिबंधों की शुरुआत हुई.
वहीं जिस तरह जेलेंस्की ने दुनिया के सामने अपनी बात रखी, उससे उनका काफी प्रभाव नजर आया. जेलेंस्की ने 26 फरवरी की सुबह एक ट्विटर पर वीडियो पोस्ट किया. जिसमें वह कीव की सड़कों पर नजर आए थे, उनके हाथ में स्मार्ट फोन था. वीडियो में वह बोले, ' सभी यूक्रेनियन को गुड मॉर्निंग, कई झूठीं खबरें चल रही हैं, लेकिन मैं यहां हूं.' अमेरिका ने जब उन्हें फ्लाइट ऑफर की तो उन्होंने कहा कि मुझे युद्ध से संबंधित सामग्री चाहिए ना कि फ्री राइड'. वह लगातार सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रहे हैं.
वित्तीय युद्ध की शुरुआत
कुल मिलाकर जो यूरोपियन देशों ने प्रतिबंध लगाए हैं, उससे एक तरह से रूस के खिलाफ वित्तीय युद्ध की शुरुआत हो गई है. इसके जरिए रूस की 1.5 डॉलर ट्रिलियन की इकोनॉमी पर निशाना साधने की कोशिश की गई. इस बारे में Bannockburn Global Forex के चीफ मार्केटिंग स्ट्रैटजिस्ट मार्क चैंडलर कहते हैं, 'हम बुलेट से लड़ाई नहीं लड़ेंगे, हम उनको आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचाएंगे.' आर्थिक प्रतिबंध से रूसी टैंकों की रफ्तार भी हल्की पड़ जाएगी. बता दें कि प्रतिबंधों की खबरें आने के साथ ही रूस का फाइनेंसियल सिस्टम लड़खड़ाने लगा है. रूसी की करंसी रूबल, डॉलर के मुकाबले कमजोरी हुई है. वहीं रूस में औपचारिक व्यापार में गिरावट आई है.
कैसे-कैसे प्रतिबंध लगे
-रूस पर लगे प्रतिबंध के बाद रूस की जनता एटीएम के बाहर कैश निकालने के लिए खड़ी नजर आई. वहीं रूस के राष्ट्रपति ने न्यूक्लिलियर फोर्सेज को अलर्ट पर रहने के लिए कहा था.
-दिग्गज तेल कंपनी BP ने इसके बाद रूसी एनर्जी कंपनी Rosneft से अपनी 20 फीसदी हिस्सेदारी से हाथ पीछे कर लिया. वहीं BP के दो चीफ एग्जीक्यूटिव रॉबर्ट डूडले ने Rosneft के बोर्ड से इस्तीफा दिया.
- क्रेडिट रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूर ने रूस की सरकार की कर्ज रेटिंग में कटौती की.