रूस-यूक्रेन के बीच जंग जारी है. अमेरिका और यूरोपीय देशों के प्रतिबंध के बाद भी रूस ने यूक्रेन पर हमले बंद नहीं किए हैं. इस बीच संयुक्त राष्ट्र (united nations) की एक पहल काम करती नजर आ रही है. दरअसल, यूक्रेन के मरियुपोल शहर के आसपास स्टील प्लांट में हजारों लोग कई दिनों से फंसे हुए थे, जिसके बाद UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने पुतिन से मुलाकात के दौरान मरियुपोल में हमले रोकने और फंसे हुए लोगों को निकालने में मदद करने की अपील की थी.
रूसी राष्ट्रपति पुतिन पर अब UN चीफ की अपील का असर होता नजर आ रहा है. संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में मरियुपोल के प्लांट में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू हो चुका है. रविवार को 100 लोगों के पहले जत्थे को युद्धक्षेत्र से निकाला जा चुका है. यूक्रेन के राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक ने बताया कि रेस्क्यू किए गए लोगों में महिलाओं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं. इनमें से ज्यादातर अजोवस्तल (Azovstal) प्लांट में फंसे हुए थे.
क्रेडिट लेने की होड़ शुरू
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने के बाद अब इसका क्रेडिट लेने की होड़ भी शुरू हो गई है. एक तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े अधिकारी लगातार अभियान की जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं तो वहीं रूस की डिफेंस फोर्स ने इसका क्रेडिट रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को देना शुरू कर दिया है. रविवार देर रात रूस की डिफेंस फोर्स ने पोस्टर जारी कर स्टीप प्लांट से नागरिकों को आजाद कराने के लिए पुतिन का शुक्रिया अदा किया.
यूक्रेन के सैनिक भी फंसे
बता दें कि अजोवस्तल स्टील प्लांट मरियुपोल में यूक्रेन का आखिरी किला है, जिस पर अब तक रूस की सेना कब्जा नहीं कर पाई है. यहां करीब 2 हजार यूक्रनी लड़ाकों के साथ 1 हजार आम नागरिक भी फंसे हुए हैं. जानकारी के मुताबिक मरियुपोल के अलग-अलग इलाकों में करीब 1 लाख लोग फंसे हुए हैं.