इजरायल और हमास की जंग के बीच यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के नियंत्रित इलाकों पर अमेरिका और ब्रिटेन ने गुरुवार रात एयरस्ट्राइक कर दी. यूएस और ब्रिटेन के इस हमले में 5 हूती विद्रोहियों के मारे जाने की खबर है. मिडिल ईस्ट में यूएस एयर ऑपरेशन के कमांडर एयरफोर्स लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्स ग्रिंकविच ने बताया कि फोर्स ने 16 लोकेशंस में 60 टारगेट पर स्ट्राइक की है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आदेश पर यह एयरस्ट्राइक की गई है. एयरस्ट्राइक के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसके पीछे का कारण भी बताया.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस स्ट्राइक को लाल सागर में हूती विद्रोहियों के जहाजों पर हमलों के खिलाफ एक्शन बताया है. राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ यह एक्शन हाल के दिनों में लाल सागर में जहाजों पर हुए हमले का बदला है. आपको बता दें कि साल 2016 के बाद यह यमन में हूतियों के खिलाफ लिया गया अमेरिका का पहला अटैक है.
हूती विद्रोहियों का ऐलान
अमेरिका और ब्रिटेन के हमले के बावजूद हूती विद्रोहियों में खौफ नहीं आया है. हूती विद्रोहियों के अनुसार, अमेरिका और ब्रिटेन की 73 एयरस्ट्राइक्स में 5 लड़ाकों की जान चली गई है. उनका कहना है कि वह अब भी लाल सागर में पानी के जहाजों पर हमला जारी रखेंगे. लाल सागर में यह हमले इजरायल से युद्ध में फिलिस्तीनियों के समर्थन में किए जा रहे हैं.
31 दिसंबर को हूती विद्रोहियों पर हुआ था पहला हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी एयरफोर्स ने 31 दिसंबर को पहली बार हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. इस एयरस्ट्राइक में कुछ विद्रोहियों की जान भी चली गई थी. इसके बाद मंगलवार को अमेरिका और ब्रिटेन ने संयुक्त तौर पर 21 मिसाइल और ड्रोन के जरिए हूती विद्रोहियों के नियंत्रित इलाकों पर हमला कर दिया. यमन में हूती विद्रोहियों पर यह अब तक हुई सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है.
क्या बोला ईरान?
ईरान जो पिछले काफी समय से हूती विद्रोहियों को समर्थन दे रहा है, उसने अमेरिका और ब्रिटेन की एयरस्ट्राइक पर निंदा जताई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और ब्रिटेन की हूती विद्रोहियों पर एयरस्ट्राइक पर नाराजगी जताई है.