अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया को दोबारा से आतंकवाद का समर्थन करने वाले देश (state sponsors of terrorism) की सूची में शामिल कर दिया है. उनका यह कदम उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने की रणनीति मानी जा रही है. हालांकि ट्रंप प्रशासन के इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव और गहराने के आसार बढ़ गए हैं.
सोमवार को ट्रंप ने व्हाइट हाउस कैबिनेट बैठक के शुरूआत में उत्तर कोरिया को आतंकवाद का प्रायोजक घोषित किया. उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए कहा, ''यह काफी पहले हो जाना चाहिए था. यह वर्षों पहले हो जाना चाहिए था.'' इससे पहले साल 2008 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने उत्तर कोरिया का नाम आतंकवाद प्रायोजित सूची से हटा दिया गया था.
.@POTUS: Today, the United States is designating #NorthKorea as a state sponsor of terrorism. pic.twitter.com/ElRsoYJv0V
— Department of State (@StateDept) November 20, 2017
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया पर व्यापक स्तर पर और प्रतिबंध लगाए जाएंगे, जिनका ऐलान मंगलवार को किया जाएगा. वहीं, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने उत्तर कोरिया को आतंकवाद प्रायोजित देश घोषित करने के ट्रंप के कदम की सराहना की है. आबे ने कहा कि उत्तर कोरिया को दोबारा से आतंकवाद प्रायोजित सूची में शामिल करने के अमेरिका के फैसले का हम स्वागत और समर्थन करते हैं. ट्रंप का यह कदम उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने का प्रयाश माना जा रहा है.
उत्तर कोरिया पर बैन का पड़ रहा असर
वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन का कहना है कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर लगे प्रतिबंधों का असर किम जोंग उन के शासन पर पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद वॉशिंगटन लंबे समय से चले आ रहे इस संकट से निपटने के लिए कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कर रहा है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उत्तर कोरिया को आतंकवाद को समर्थन देने वाले राष्ट्रों की सूची में फिर से शामिल करने की घोषणा के बाद टिलरसन का यह बयान आया है. व्हाइट हाउस संवाददाता सम्मेलन में टिलरसन ने कहा कि हमें अब भी कूटनीति समाधान की उम्मीद है. यह सब उन पर दबाव बनाने का तरीका है.
उत्तर कोरियाई अखबार ने ट्रंप को सुनाई थी मौत की सजा
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से तिलमिलाए उत्तर कोरिया ने उनको मौत का फरमान सुनाया है. उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने तानाशाह किम जोंग उन का अपमान करने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना भी की है.
उत्तर कोरिया के सरकारी अखबार रोडोंग सिनमुन ने अपने संपादकीय में लिखा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फांसी देने के लायक हैं. ट्रंप ने उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किन जोंग उन के सम्मान को आहत करके बड़ा अपराध किया है, जिसके लिए उनको माफ नहीं किया जा सकता है. ट्रंप को यह पता होना चाहिए कि इस भयंकर अपराध के लिए सिर्फ मौत की सजा है.