डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी कैबिनेट में भारतीय मूल के कई अमेरिकियों को जगह दी है. उन्होंने कई अहम पदों के लिए इनका चुनाव किया है, जो रिपब्लिकन पार्टी में भारतीय अमेरिकी समुदाय के बढ़ते कद को दिखाता है. ट्रंप की अमेरिकी कैबिनेट में शामिल ये शख्सियतें अलग-अलग पेशेवर क्षेत्रों की एक्सपर्ट्स और हिंदू मूल्यों से जुड़ी हुई हैं.
इनमें पहला नाम भारतीय मूल के अमेरिकी विवेक रामास्वामी की है. ट्रंप ने अरबपति कारोबारी एलॉन मस्क के साथ विवेक रामास्वामी को डिपार्टमेंट ऑफ गवर्मेंट एफिशियंसी (DOGE) की बागडोर सौंपी है. इस स्पेशल विभाग को ट्रंप की कैबिनेट का सेंटर प्वॉइन्ट माना जा रहा है. यह विभाग ब्यूरोक्रेसी को क्लीन करने का काम करेगा. ट्रंप ने इस डिपार्टमेंट को इस समय का द मैनहट्टन प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि इससे चार जुलाई 2026 तक पूरी संघीय ब्यूरोक्रेसी में व्यापक बदलाव आएंगे.
प्राउड हिंदू विवेक रामास्वामी!
हिंदुत्व के पैरोकार रामास्वामी को खुद को प्राउड हिंदू कहते हैं. वह कई मौकों पर कह चुके हैं कि मैं हिंदू हूं और मुझे इस पर गर्व है. मैं बिना किसी माफी के लिए इसके लिए खड़ा हूं. मैं एक हिंदू हूं. मुझे सिखाया गया है कि भगवान ने हम सबको यहां किसी मकसद से भेजा है. मैं कोई फर्जी हिंदू नहीं हूं, जिसने अपना धर्म बदला हो. मैं अपने करिअर के लिए झूठ नहीं बोल सकता.
ओहायो में पले-बढ़े रामास्वामी सार्वजनिक तौर पर कई कार्यक्रमों में हिंदू धर्म विशेष रूप से कर्म और धर्म की बातें कर चुके हैं. उन्होंने अमेरिकी चुनाव के प्रचार-प्रसार के दौरान खुद को ट्रंप की अमेरिकाज पॉलिसी से जोड़ा लेकिन अपने हिंदू मूल्यों का भी दामने थामे रहे.
अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड
ट्रंप ने अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड को नेशनल इंटेलिजेंस विभाग का डायरेक्टर चुना है. वह अमेरिकी राजनीति में हिंदू धर्म का प्रचार करने के लिए जानी जाती हैं. वैष्णव हिंदू परंपराओं से जुड़ीं और कई मौकों पर भगवद्गीता के श्लोकों का उच्चारण करने के लिए मशहूर तुलसी को ट्रंप कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी मिली है.
1981 में समोआ में तुलसी का जन्म माइक गबार्ड और कैरल गबार्ड के घर पर हुआ था. 1983 में जब गबार्ड दो साल की थीं तो उनका परिवार अमेरिका के हवाई में आकर बस गया था. हवाई में आने के बाद उनकी मां कैरल ने हिंदू धर्म अपना लिया था जबकि उनके पिता रोमन कैथोलिक ईसाई थे. हिंदू धर्म के प्रभाव के कारण ही कैरल ने अपने बच्चों के हिंदू नाम रखे.
तुलसी खुद को हिंदू बताती हैं, लेकिन वो भारतीय मूल की नहीं हैं. प्रधानमंत्री मोदी जब योग को वैश्विक पटल पर लाने की कोशिश कर रहे थे तब तुलसी ने इस मुहिम का जमकर समर्थन किया था.सितंबर 2014 में पीएम मोदी से उनकी पहली मुलाकात के दौरान उन्होंने उन्हें भगद्गगीता उपहार में दी थी.
अनुशासन और वफादारी का नाम है काश पटेल!
ट्रंप ने एक और भारतीय मूल के अमेरिकी को अपनी कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी दी है. इनका नाम काश पटेल है. काश को एफबीआई के डायरेक्टर पद के लिए चुना गया है. ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि वफादारी और अनुशासन दो ऐसे गुण हैं, जिन्हें वह तवज्जो देते हैं और ये दोनों ही गुण उन्हें काश पटेल में बखूबी मिले.
भारतीय मूल के काश अपनी अब तक की सफलता का श्रेय अपने भारतीय मूल्यों को देते हैं. हालांकि, वह अपने धर्म और विश्वास को लेकर सार्वजनिक कहने से बचते हैं.
2016 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान नेशनल सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस में काश पटेल के काम से ट्रंप काफी प्रभावित रहे हैं. उनके काम और अनुशासन की वजह से ट्रंप ने उन पर भरोसा भी जताया. इस वजह से ट्रंप ने इस बार उन्हें एफबीआई जैसे हाई प्रोफाइल विभाग की बागडोर उन्हें सौंप दी.
ईसाई बन चुके जय भट्टाचार्य हिंदुत्व से जुडे़ हुए
जय भट्टाचार्य को ट्रंप ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के चीफ पद के लिए चुना है. वह लंब समय से पब्लिक हेल्थ से जुड़े हुए हैं. हिंदू घर में पले-बढ़े जय निस्वार्थ सेवा के सिद्धांत का पालन करते हैं. हालांकि, उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है लेकिन हिंदू धर्म ने उनके व्यक्तित्व पर अमिट छाप छोड़ी है.
अमेरिका की सेकंड लेडी बनने जा रही हैं उषा वेंस
अमेरिका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस भारतीय मूल की हैं. वह जनवरी में आधिकारिक तौर पर देश की सेकंड लेडी बन जाएंगी. उषा का भारत के आंध्र प्रदेश से ताल्लुक है. उनके माता-पिता चिलुकुरी के रहने वाले थे जो बाद में अमेरिका जाकर बस गए. अमेरिका के सैन डिएगो में उषा का लालन-पालन हुआ. उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से बीए और कैंब्रिज से मॉर्डन हिस्ट्री में एमफिल किया. उष और जेडी की शादी हिंदू रीति-रिवाजों से हुई थी. जेडी से शादी के बाद अभी भी उषा हिंदू धर्म का पालन करती हैं.
जेडी वेंस पर हिंदू धर्म का गहरा प्रभाव है और खुद जेडी इसे स्वीकार कर चुके हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि मेरी सफलता का श्रेय मैं अपनी पत्नी उषा और उनके मूल्यों को देता हूं. उनका हिंदू धर्म में गहरा विश्वास है और इस वजह से मैं भी इस पर विश्वास करता हूं.