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ऐसे हथकड़ी और जंजीरों में जकड़े जाते हैं अवैध माइग्रेंट्स... व्हाइट हाउस ने जारी किया जबरन घर वापसी का Video

व्हाइट हाउस के आधिकारिक पेज पर पोस्ट किए गए 41 सेकंड के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि डिपोर्ट किए जाने वाले प्रवासियों को तैयार किया जा रहा है. डिपोर्ट किए जाने वाले एक प्रवासी को तैयार करते पुलिस अधिकारी को देखा जा सकता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि यह अधिकारी प्रवासी शख्स को हथकड़ियां लगा रहा है. एयरपोर्ट पर हथकड़ियां और चेन रखी देखी जा सकती है.

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व्हाइट हाउस ने जारी किया अवैध प्रवासियों का वीडियो
व्हाइट हाउस ने जारी किया अवैध प्रवासियों का वीडियो

अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों को लेकर सख्त है. भारत सहित कई देशों के अवैध प्रवासियों को उनके मुल्क भेज चुका है. ट्रंप अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासी भारतीयों के तीन प्लेन भारत भेज चुके हैं. हथकड़ियों में बंधे इन भारतीयों की तस्वीरों और वीडियो पर जमकर बवाल भी हुआ था. इस बीच व्हाइट हाउस ने हथकड़ियों में बंधे अवैध प्रवासियों का एक नया वीडियो पोस्ट किया है.

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व्हाइट हाउस के आधिकारिक पेज पर पोस्ट किए गए 41 सेकंड के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि डिपोर्ट किए जाने वाले प्रवासियों को तैयार किया जा रहा है. डिपोर्ट किए जाने वाले एक प्रवासी को तैयार करते पुलिस अधिकारी को देखा जा सकता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि यह अधिकारी प्रवासी शख्स को हथकड़ियां लगा रहा है. एयरपोर्ट पर हथकड़ियां और चेन रखी देखी जा सकती है.

इस वीडियो में हालांकि, डिपोर्ट किए जाने वाले शख्स का चेहरा नहीं दिखाया गया है.लेकिन उसके हाथों और पैरों में बेड़ियां लगाते हुए देखा जा सकता है. एक अन्य क्लिप में एक शख्स प्लेन में चढ़ता दिखाई दे रहा है. उसके पैरों में बेड़ियां बंधी हुई हैं.

5 फरवरी को अवैध प्रवासी भारतीयों का प्लेन अमृतसर पहुंचा था

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अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर अमेरिका का पहला मिलिट्री प्लेन पांच फरवरी को भारत पहुंचा था. अमेरिकी C-147 प्लेन से अवैध प्रवासी भारतीयों का पहला जत्था भारत पहुंचा था. इस प्लेन में 104 भारतीय सवार थे.

यह प्लेन अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था. प्लेन में कुल 104 भारतीय थे जिनमें 79 पुरुष और 25 महिलाएं थीं. अमेरिका से डिपोर्ट कर लाए गए भारतीयों को मेक्सिको-अमेरिकी सीमा से पकड़ा गया था. कहा जा रहा है कि ये भारत से वैध तरीके से रवाना हुए थे लेकिन इन्होंने डंकी रूट के जरिए अमेरिका में घुसने की कोशिश की थी. 

इस प्लेन में पंजाब से 30, हरियाणा से 33, गुजरात से 33, महाराष्ट्र से 3, उत्तर प्रदेश के 3 और चंडीगढ़ के 2 लोग थे. बता दें कि अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर US एयरफोर्स के C-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट ने टेक्सास के पास अमेरिकी सैन्यअड्डे से उड़ान भरी थी.

15 फरवरी को दूसरा विमान अमृतसर पहुंचा था

अमेरिका से निर्वासित 120 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर विशेष विमान 15 फरवरी की देर रात अमृतसर हवाई अड्डे पर लैंड हुआ था. इनमें 60 से अधिक पंजाब से और 30 से अधिक हरियाणा के रहने वाले थे. अन्य गुजरात, उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के थे. अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीयों का यह दूसरा ऐसा जत्था था, जिसे ट्रंप प्रशासन द्वारा डिपोर्ट किया. 

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इसके अगले दिन 16 फरवरी को अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर अमेरिका का तीसरा प्लेन भी अमृतसर लैंड हुआ था. इस विमान में 112 अवैध प्रवासी सवार थे, जिन्हें अमेरिका से निकाला गया. 

बता दें कि ट्रंप सरकार अवैध प्रवासियों को ले जाने के लिए सैन्य विमान का इस्तेमाल करती रही है. इससे पहले ग्वाटेमाला, पेरू और होंडूरास में भी अमेरिकी मिलिट्री प्लेन से अवैध प्रवासियों को भेजा गया था. 

अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन प्रोग्राम

डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन प्रोग्राम शुरू किया है. इस प्रोग्राम के तहत ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को उनके मुल्क भेजने की कवायद शुरू कर दी है. पिछले हफ्ते ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि भारत और अमेरिका ने ऐसे लगभग 18000 भारतीयों की शिनाख्त की है, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं. 

पिछले हफ्ते अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी और अवैध प्रवासियों से जुड़ी समस्या का समाधान करने की इच्छा जताई थी.

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