अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सोमवार को गुपचुप यूक्रेन पहुंच गए थे. इसके एक दिन बाद वह अब पोलैंड के दौरे पर हैं. यहां बाइडेन ने पोलैंड की धरती से रूस और उसके राष्ट्रपति पुतिन पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएंगे.
राष्ट्रपति बाइडेन ने वारसॉ के ऐतिहासिक रॉयल कैसल में पोलैंड की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि रूस की सेना ने युद्ध अपराध किए हैं और रूस इस युद्ध में कभी नहीं जीत पाएगा. उसने सारी सीमाएं लांघ दी हैं. लेकिन यूक्रेन पीछे हटने वाला नहीं है. वह अभी भी आजाद है.
बाइडेन ने पुतिन पर बरसते हुए कहा कि रूस ने यह सोचकर यूक्रेन पर हमला किया था कि वह आसानी से जीत जाएगा और नाटो बिखर जाएगा.
उन्होंने कहा कि पुतिन समझते थे कि वह बहुत ताकतवर हैं लेकिन रूस ने अमेरिका के फौलादी इरादों को देख लिया है और वह समझ गए हैं कि यूक्रेन, हम और नाटो अब अधिक मजबूती से खड़े हो गए हैं. यूक्रेन बहुत बहादुर है और मजबूती से खड़ा है. नाटो पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुआ है.
पुतिन की आक्रामकता ही फिनलैंड और स्वीडन के नाटो में शामिल होने की वजह है. पुतिन का मानना है कि पश्चिमी देशों में दृढ़ता और विश्वास की कमी है. लेकिन हम यूक्रेन के लिए पश्चिमी देशों के समर्थन को बिखरने नहीं देंगे. हम यूक्रेन के साथ खड़े हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि हम लोकतंत्र के लिए खड़े हुए हैं. हम संप्रभुता के लिए खड़े हुए हैं, यूक्रेन के लोगों के लिए खड़े हैं. हम जेलेंस्की और कीव के लिए खड़े हुए हैं, फिर चाहे कुछ भी हो जाए.
आगे और भी मुश्किल दिन आएंगे
बाइडेन ने कहा कि इस युद्ध ने दुनियाभर में लोकतंत्र को और मजबूत किया है. हालांकि, उन्होंने चेताते हुए कहा कि आगे और भी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण दिन आने वाले हैं लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी देश हमेशा यूक्रेन के साथ खड़े रहेंगे. बाइडेन ने कहा कि दुनियाभर के लोकतांत्रिक देश आज, कल और हमेशा आजादी की रक्षा के लिए खड़े रहेंगे.
उन्होंने कहा कि कीव मजबूती के साथ खड़ा है. कीव गौरव के साथ खड़ा है. बाइडेन ने अपने इस संबोधन से पहले पोलैंड के राष्ट्रपति एंद्रेज डूडा से मुलाकात की और रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारियों पर बातचीत की.
उन्होंने कहा कि नाटो को इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण गठबंधन बताते हुए कहा कि नाटो पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो गया है. नाटो ने रूस को अपनी ताकत दिखाई है.
बता दें कि सोमवार को बाइडेन अचानक युद्धग्रस्त यूक्रेन पहुंच गए थे. आधुनिक इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिला था, जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने वॉर एरिया का दौरा किया हो. अमूमन अमेरिका जैसे किसी देश के राष्ट्रपति जब किसी दौरे पर जाते हैं, तो बेहद कड़ी सुरक्षा के साथ एक भारी काफिला उनके साथ चलता है. लेकिन बाइडेन के यूक्रेन दौरे में ऐसा कुछ भी नहीं मिला था.
बाइडेन के दौरे के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विशेष प्लेन एयरफोर्स वन विमान के बजाए वायुसेना के बोइंग विमान C-32 को चुना गया था. एयरफोर्स वन से यूक्रेन नहीं जाने का मुख्य मकसद यही था कि रडार की नजरों से बचा जा सके. इस दौरान उनके साथ कुछ मुट्ठीभर सुरक्षाकर्मी, मेडिकल टीम, करीबी सलाहकार और दो पत्रकार मौजूद थे. इस तरह से बाइडेन को लेकर छोटे विमान ने यूक्रेन के लिए उड़ान भरी थी.