16 अगस्त 2022 को अमेरिका ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल मिनटमैन-3 (Minuteman III ICBM) का सफल परीक्षण किया था. आज यानी 7 सितंबर 2022 को अमेरिका ने फिर से ICBM का परीक्षण कर दिया है. अमेरिका ने कहा कि उसने रूस को एक महीने पहले ही इस परीक्षण के बारे में बता दिया था. सिर्फ रूस ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को इसकी खबर की गई थी.
अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा कि इस बारे में मंगलवार को ही बताया था. जिसमें कहा गया था कि 7 सितंबर की सुबह एयरफोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड एक मिनटमैन-3 (Minuteman III ICBM) मिसाइल का परीक्षण करेगी. यह मिसाइल बिना किसी हथियार के होगा. हालांकि आपको बता दें कि मिनटमैन मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है.
पैट राइडर ने कहा कि मिनटमैन-3 (Minuteman III ICBM) मिसाइल का परीक्षण सफल रहा है. यह काफी दिनों से प्रतिक्षित था. हमारे इस परीक्षण का मकसद सिर्फ यह था कि हम अमेरिकी न्यूक्लियर फोर्सेस की तैयारी जांच सकें.
री-एंट्री व्हीकल का परीक्षण था खास
इन दिनों चीन का ताइवान से संघर्ष चल रहा है. उधर रूस और यूक्रेन में युद्ध हो रहा है. ऐसे में अमेरिका के मिनटमैन-3 (Minuteman III ICBM) मिसाइलों के परीक्षण से तनाव की स्थिति बनती दिख रही है. रूस और चीन इस परीक्षण से जरूर चिंतित होंगे. इस मिसाइल के परीक्षण के दौरान री-एंट्री व्हीकल का भी परीक्षण किया गया है. यह मिसाइल का एक ऐसा हिस्सा है जिसमें परमाणु हथियार रखा जाता है.
मिसाइल की रेंज है 10 हजार किमी
परीक्षण के दौरान री-एंट्री व्हीकल ने प्रशांत महासागर स्थित मार्शल आइलैंड के क्वाजालेनट एटॉल से करीब 6760 किलोमीटर की यात्रा की. राइडर ने बताया कि दो टेस्ट पहले से शेड्यूल थे. लेकिन पहले वाले के टलने की वजह से इनके बीच का गैप कम हो गया. मिनटमैन-3 (Minuteman III ICBM) मिसाइल की रेंज 10 हजार किलोमीटर है. यह अधिकतम 1100 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है.
.@PentagonPresSec: There will be an operational test launch of an Air Force Global Strike Command unarmed Minuteman III intercontinental ballistic missile early tomorrow morning, September 7, from Vandenberg Space Force Base in California. pic.twitter.com/DkYdPvwUa9
— Department of Defense 🇺🇸 (@DeptofDefense) September 6, 2022
गति इतनी घातक की दुश्मन बचे नहीं
मिसाइल की स्पीड ही इसे सबसे ज्यादा खतरनाक बनाती है. यह मैक 23 यानी 28,200 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलती है. इसे लॉन्च करने के लिए जमीन में बने साइलो (Silo) का उपयोग करना पड़ता है. यह मिसाइल आकार में भी विशालकाय है. यह करीब 60 फीट लंबी है. इसका व्यास 5.6 फीट का है. तीन स्टेज के सॉलिड फ्यूल रॉकेट इंजन से उड़ती है ये मिसाइल. यह एकसाथ एक या उससे ज्यादा टारगेट्स पर हिट कर सकती है.