अमेरिका में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है. दो अमेरिकी सांसदों ने एक बिल पेश कर असीम मुनीर पर राजनीतिक विरोधियों का उत्पीड़न करने और उन्हें जेल में डालने को लेकर बैन लगाने और पीटीआई प्रमुख इमरान खान की रिहाई की मांग की गई है.
द हिल की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन और कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक सांसद जिमी पेनेटा ने "पाकिस्तान डेमोक्रेसी एक्ट" पेश किया.
अमेरिका की दोनों पार्टियों के सांसदों की तरफ से पेश बिल में जनरल मुनीर पर “जानबूझकर राजनीतिक विरोधियों के गलत उत्पीड़न और कारावास में डालने में शामिल होने” का आरोप लगाया गया है.
बैन के बाद अमेरिका नहीं जा सकेंगे पाकिस्तानी सेना प्रमुख
ग्लोबल मैग्निट्स्की मानवाधिकार जवाबदेही अधिनियम के तहत 180 दिनों के भीतर पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे. समाचार पोर्टल के अनुसार, बैन के बाद उन्हें अमेरिका में एंट्री से रोका जा सकता है और अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है.
बिल में “उत्पीड़न” में शामिल अन्य प्रमुख व्यक्तियों की पहचान करने और उन पर भी इसी प्रकार का प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है.
बिल में साफ कहा गया कि पाकिस्तान में सेना का शासन है. उसमें कहा गया, 'अगर पाकिस्तान में सैन्य शासन समाप्त होता है, कानून का शासन और नागरिकों के नेतृत्व वाले लोकतंत्र की बहाली होती है, साथ ही गलत तरीके से हिरासत में लिए गए सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा कर दिया जाता है तो विधेयक राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है कि वो प्रतिबंधों को हटा सके.'
इमरान खान को जेल भेजने के पीछे है सेना
समाचार पोर्टल के अनुसार सांसद विल्सन ने जेल में बंद पीटीआई प्रमुख इमरान खान को "राजनीतिक कैदी" कहा और उनको "अनुचित तरीके से हिरासत" में लिए जाने के लिए पाकिस्तान की सेना को जिम्मेदार ठहराया.
इमरान खान की सरकार को 2022 में एक अविश्वास प्रस्ताव के जरिए बर्खास्त कर दिया गया था. इसके बाद उनके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज किए गए हैं. उन्हें अगस्त 2023 में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वो रावलपिंडी की हाई सिक्योरिटी वाली अदियाला जेल में बंद हैं.
इमरान खान ने रिहाई के लिए ट्रंप को लिखा था पत्र
इमरान खान की पार्टी के अनुसार, उन पर 200 से अधिक मामले चल रहे हैं, उनमें से कुछ में उन्हें जमानत मिल गई है, कुछ में उन्हें दोषी ठहराया गया है तथा कुछ अन्य मामलों में सुनवाई चल रही है.
विल्सन ने द हिल को बताया कि इमरान खान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक पत्र लिखा था जिसमें उनसे आग्रह किया गया था कि वे 'पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर दबाव डालें ताकि लोकतंत्र को बहाल किया जा सके और उन्हें रिहा किया जा सके.'