हमास से युद्ध में अमेरिका इजरायल का खुलकर समर्थन कर रहा है. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साफ कर दिया है कि वे गाजा पट्टी में इजरायल के कब्जे का समर्थन नहीं करते. उन्होंने कहा कि अगर इजरायल गाजा पर कब्जा करता है, तो यह एक बड़ी गलती होगी. हालांकि, बाइडेन ने कहा कि वे चाहते हैं कि हमास का पूरी तरह से खात्मा हो, क्योंकि हमास सभी फिलिस्तीनी लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता.
दरअसल, बाइडेन से एक इंटरव्यू में सवाल किया गया था कि क्या वे इस समय गाजा पर इजरायली कब्जे का समर्थन करेंगे? इस पर बाइडेन ने कहा, मुझे लगता है कि यह एक बड़ी गलती होगी. देखिए, मेरे विचार से गाजा में जो हुआ, उसके लिए हमास जिम्मेदार है. हमास सभी फिलिस्तीनी लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता और मुझे लगता है कि इजरायल के लिए गाजा पर दोबारा कब्जा करना एक गलती होगी. हम अंदर जा रहे हैं, चरमपंथी हमास और हिजबुल्लाह को बाहर निकालने के लिए. यह जरूरी कदम है.
बाइडेन से जब पूछा गया कि क्या वे मानते हैं कि हमास को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए? इस पर उन्होंने कहा, हां लेकिन वहां एक फिलिस्तीन प्राधिकरण की आवश्यकता है. फिलिस्तीनी राज्य के लिए एक मार्ग की आवश्यकता है.
गाजा में अब तक 2670 की मौत
दरअसल, हमास ने 7 अक्टूबर को गाजा पट्टी से इजरायल पर हमला कर सभी को चौंका दिया था. हमास की ओर से हजारों रॉकेट दागे थे. इतना ही नहीं हमास के लड़ाके हवा, समुद्री रास्ते और बॉर्डर के जरिए इजरायली सीमा में दाखिल हो गए थे और उन्होंने आम नागरिकों पर हमला कर दिया था. इन हमलों में इजरायल में 1300 लोगों की मौत हुई है. इनमें 29 अमेरिकी नागरिक शामिल हैं. इतना ही नहीं हमास ने सैकड़ों लोगों को बंधक भी बना लिया. इसके बाद से इजरायल गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है. इजरायल के हमलों में अब तक गाजा में 2670 की मौत हो चुकी है. 9,600 लोग जख्मी हुए हैं. हमास के कई कमांडर भी ढेर हो चुके हैं.
बाइडेन ने हमास के हमलों के बाद से इजराइल को समर्थन देने का ऐलान किया है. इतना ही नहीं अमेरिका ने इजरायल के समर्थन में अपने वॉर शिप और विमानों को भी तैनात कर दिया है. अमेरिका ने स्पष्ट शब्दों में ईरान समेत अन्य देशों को इसमें शामिल न होने की भी चेतावनी दी है. हालांकि, अब बाइडेन ने गाजा पट्टी पर कब्जा न करने की बात कही है.