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जो बाइडेन बोले- मेरा राष्ट्रपति बनना ओबामा का तीसरा कार्यकाल नहीं

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि वो ओबामा की छाया से बाहर निकलकर काम करेंगे. बाइडेन ने कहा कि ये ओबामा के तीसरे कार्यकाल की तरह नहीं होगा.

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बाइडेन
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • बाइडेन ने राष्ट्रपति बनने के बाद दिया पहला इंटरव्यू
  • ओबामा की छाया से निकलकर करेंगे काम
  • कैबिनेट के लिए कर चुके हैं नामों का ऐलान

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने पहले इंटरव्यू में कहा है कि उनका कार्यकाल ओबामा के तीसरे टर्म की तरह नहीं होगा. जो बाइडेन ओबामा प्रशासन के दौरान उप-राष्ट्रपति रह चुके हैं और उनकी कैबिनेट में भी ओबामा सरकार में शामिल रहे कई पुराने चेहरों को जगह दी गई है. हालांकि, एनबीसी न्यूज से बातचीत में जो बाइडेन ने वादा किया है कि वो ओबामा की छाया से बाहर निकलकर काम करेंगे और अगले चार साल ओबामा के तीसरे कार्यकाल की तरह नहीं होंगे. बाइडेन ने कहा कि उनके सामने पहले से काफी अलग चुनौतियां हैं.

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'ट्रंप ने बदल दिए समीकरण, पहले से काफी अलग चुनौतियां'

एनबीसी न्यूज के ऐंकर होल्ट ने बाइडेन से सवाल किया कि आप उन लोगों से क्या कहना चाहेंगे जो कह रहे हैं कि आप ओबामा का तीसरा कार्यकाल लाने की कोशिश कर रहे हैं. इस सवाल के जवाब में बाइडेन ने कहा, "ये ओबामा का तीसरा कार्यकाल नहीं है. हम ओबामा-बाइडेन प्रशासन से बिल्कुल अलग दुनिया का सामना कर रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरा परिदृश्य बदल दिया है."

बाइडेन ने कहा कि वो अमेरिका को एकता के सूत्र में बांधना चाहते हैं और उनके प्रशासन में अमेरिका के हर वर्ग से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ट्रंप के लिए वोट करने वाले रिपब्लिकन भी नियुक्ति पर भी वो विचार कर सकते हैं.

'ट्रंप के खिलाफ न्याय विभाग को नहीं बनाएंगे हथियार'

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बाइडेन ने ये भी कहा कि ट्रंप के आर्थिक समझौतों को लेकर अमेरिका के न्याय विभाग को हथियार नहीं बनाएंगे. बता दें कि जनवरी महीने में जब ट्रंप सत्ता छोड़ेंगे तो उन्हें कानूनी कार्रवाई के खिलाफ मिलने वाला संवैधानिक संरक्षण खत्म हो जाएगा. ट्रंप ने मंगलवार को पहली बार सत्ता हस्तांतरण के लिए हामी भरी. सत्ता हस्तांतरण के लिए जिम्मेदार संस्था जीएसए ने भी बाइडेन को एक पत्र भेजकर उनकी जीत पर आधिकारिक मुहर लगा दी है. इसके बाद, सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

हालांकि, बाइडेन सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कैबिनेट के लिए कई नामों का ऐलान कर चुके हैं. प्रोग्रेसिव धड़ा जहां बाइडेन के जेनेट येलेन को वित्त मंत्री के तौर पर नॉमिनेट करने और रॉन क्लेन को चीफ ऑफ स्टाफ बनाने के फैसले का स्वागत कर रहा है, वहीं, वामपंथी धड़े के इल्हान उमर, रशीदा तलाइब समेत कई नेता इस बात को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं कि बाइडेन मैनेजमेंट ऐंड बजट डिपार्टमेंट ब्रूस रीड को सौंप सकते हैं. ब्रूस रीड आर्थिक सुरक्षा कार्यक्रम का विरोध करते रहे हैं जिससे मध्य वर्ग को मदद मिलती रही है.

'ट्रंप प्रशासन का रवैया सकारात्मक'

बाइडेन की टीम में अभी कई चेहरे शामिल होने हैं. बाइडेन ने एनबीसी न्यूज से कहा कि फिलहाल टीम का पूरा ध्यान सत्ता के सुगम हस्तांतरण पर है. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन भी इसे लेकर गंभीर रुख दिखा रहा है. बाइडेन ने कहा, वे (ट्रंप प्रशासन) राष्ट्रपति की नियमित ब्रीफिंग को लेकर पहले से ही मदद कर रहे हैं. हम व्हाइट हाउस की कोविड टीम के साथ मुलाकात कर जरूरी चर्चा कर रहे हैं. इसमें वैक्सीन के वितरण से लेकर वैक्सीन की क्षमता जैसे विषय शामिल हैं.

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बाइडेन बुधवार को एक संबोधन भी देंगे. बाइडेन की टीम का कहना है कि नव-निर्वाचित राष्ट्रपति ना सिर्फ वैक्सीन को लेकर बात करेंगे बल्कि कोविड से जान गंवाने वाले अमेरिकियों को भी श्रद्धांजलि देंगे. बाइडेन का ये रुख ट्रंप से अलग है, ट्रंप अपने संबोधनों में वैक्सीन के विकास को लेकर अपनी सरकार की पीठ थपथपाते रहे हैं लेकिन कोविड-19 से जान गवाने वाले अमेरिकियों का जिक्र करने से बचते हैं.

'अमेरिका फर्स्ट' की जगह 'अमेरिका इज बैक' का नारा

बाइडेन की विदेश नीति भी ट्रंप से काफी अलग होने वाली है. मंगलवार को अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट में बड़े-बड़े अक्षरों में अमेरिका फर्स्ट का नारा दोहराया, वहीं बाइडेन ने 'अमेरिका इज बैक' का मंत्र दिया. बाइडेन ने साफ कर दिया है कि उनके कार्यकाल में अमेरिका दुनिया में अपने कदम समेटने के बजाय एक बार फिर से नेतृत्व की भूमिका में होगा. बाइडेन ने एनबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि उन्होंने दुनिया के 20 नेताओं से बातचीत की है और वे सभी उत्साहित हैं.

 

 

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