खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश और जून 2023 में कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार को नियमित प्रेस कांफ्रेस के दौरान अमेरिकी विदेशी विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा है कि गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश मामले को अमेरिकी विदेशी मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सीधे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के सामने उठाया है.
दरअसल, एक सप्ताह पहले ही ब्रिटिश अखबार ने अपनी एक रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिकी में हत्या करने की साजिश रची गई थी. लेकिन अमेरिका ने पन्नू की हत्या की साजिश को विफल किया था. अमेरिका के न्याय विभाग ने 52 साल के भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर पन्नू की हत्या की साजिश करने का आरोप लगाया है.
जांच के नतीजे का इंतजारः अमेरिका
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मैथ्यू मिलर से जब पूछा गया कि गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश को लेकर कूटनीतिक स्तर पर क्या हो रहा है? अमेरिकी विदेशी विभाग ने भारतीय नेतृत्व को किस प्रकार का संदेश दिया है?
इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "मैं इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि यह एक कानून प्रवर्तन मामला है. इसके अलावा डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (न्याय मंत्रालय) में भी यह मामला चल रहा है, ऐसे में इस टिप्पणी करना सही नहीं होगा. लेकिन यह स्पष्ट कर देता हूं कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से इस मामले को विदेशी समकक्ष (एस जयशंकर) के सामने उठायाा है. उन्होंने (भारत ने) हमसे कहा है कि वे इस मामले की जांच कराएंगे. उन्होंने पब्लिकली भी इस मामले की जांच करने की बात कही है. हम जांच के नतीजे का इंतजार करेंगे. लेकिन यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे हम बहुत ही गंभीरता से ले रहे हैं."
जांच के नतीजे से पहले टिप्पणी करना सही नहींः अमेरिका
इसके बाद मिलर से जब पूछा गया कि एक अन्य खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में भारत सरकार सहयोग नहीं कर रही है तो आप कितने आश्वस्त हैं कि भारत सरकार अमेरिकी न्याय विभाग के साथ जांच में सहयोग करेगी?
इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, " हमने उनसे (भारत) कनाडाई जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है. दूसरी बात यह है कि मैं उनकी जांच के बारे में बात कर रहा था. मैं अपनी जांच यानी अमेरिकी न्याय विभाग की जांच की बात नहीं कर रहा हूं. भारत सरकार ने अपनी जांच को लेकर कहा है कि वो इसे खुद जांच करेंगे. हम उस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. और जाहिर है कि जांच पूरी होने से पहले मैं कोई आकलन नहीं करने जा रहा हूं."
वहीं, मिलर से जब पूछा गया कि अमेरिकी धरती पर पन्नू की हत्या की साजिश अमेरिकी संप्रभुता पर हमला है? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. यह जानकारी अभी अभियोग (आरोप) के तौर पर है.
अमेरिका ने भारत पर क्या आरोप लगाया है?
अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि 52 साल का एक भारतीय नागरिक जो भारत सरकार का कर्मचारी भी है. उसने उत्तरी भारत में एक अलग सिख राष्ट्र की वकालत करने वाले न्यूयार्क शहर के निवासी की हत्या की साजिश रची थी. विभाग ने पन्नू का नाम नहीं लिया है लेकिन उसका इशारा पन्नू की ओर है क्योंकि गुरवतपंत सिंह पन्नू अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क में ही रहता है. विभाग के मुताबिक, यह नागरिक (निखिल गुप्ता) सुरक्षा प्रबंधन और खुफिया सूचनाओं को देखता था.
निखिल गुप्ता पर यह भी आरोप है कि उसने पन्नू की हत्या के लिए एक लाख डॉलर देने की बात कही थी. इसमें से 15 हजार डॉलर की एडवांस पेमेंट 9 जून 2023 को कर दी गई थी. लेकिन, जिस शख्स को इस काम के लिए हायर किया गया था, वह अमेरिकी एजेंसी का ही खुफिया एजेंट था.