अमेरिका से अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर दो विशेष विमान बैक टू बैक भारत आ रहे हैं. पहला विमान 15 फरवरी जबकि दूसरा 16 फरवरी को भारत पहुंच रहा है.
ये विशेष विमान 15 और 16 फरवरी को अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे. पहले विमान में 119 यात्री सवार होंगे जिनमें 67 पंजाब, 33 हरियाणा और 19 गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से हैं. यह विमान शनिवार को रात 10 बजकर पांच मिनट पर अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड करेगा.
वहीं, 16 फरवरी को अमेरिका से भारत आ रहा विमान भी अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड करेगा. इन विशेष विमानों को लेकर स्थानीय प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने व्यवस्था शुरू कर दिए हैं. इस संबंध में लिखित सूचना विदेश मंत्रालय से नागरिक उड्डयन मंत्रालय को दे दी गई है.
बता दें कि इससे पहले 5 फरवरी को अमेरिका का मिलिट्री प्लेन 104 अवैध प्रवासियों को लेकर भारत पहुंचा था. अमेरिकी C-147 प्लेन से अवैध प्रवासी भारतीयों का पहला जत्था अमृतसर पहुंचा था. इस प्लेन में कुल 104 भारतीय सवार थे, जिनमें 79 पुरुष और 25 महिलाएं भी थे. इन भारतीयों में से 33 लोग गुजरात से थे.
अमेरिका से डिपोर्ट कर लाए गए भारतीयों को मेक्सिको-अमेरिकी सीमा से पकड़ा गया था. कहा गया कि ये भारत से वैध तरीके से रवाना हुए थे लेकिन इन्होंने डंकी रूट के जरिए अमेरिका में घुसने की कोशिश की थी.
किस राज्य से थे कितने लोग?
इस प्लेन में पंजाब से 30, हरियाणा से 33, गुजरात से 33, महाराष्ट्र से 3, उत्तर प्रदेश के 3 और चंडीगढ़ के 2 लोग हैं. बता दें कि अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर US एयरफोर्स के C-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट ने टेक्सास के पास अमेरिकी सैन्यअड्डे से उड़ान भरी. इस प्लेन में 104 अवैध भारतीय प्रवासी हैं.
बता दें कि ट्रंप सरकार अवैध प्रवासियों को ले जाने के लिए सैन्य विमान का इस्तेमाल करती रही है. इससे पहले ग्वाटेमाला, पेरू और होंडूरास में भी अमेरिकी मिलिट्री प्लेन से अवैध प्रवासियों को भेजा गया था.
मालूम हो कि 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका से अवैध प्रवासी भारतीयों को वापस भारत बुलाने के लिए भारत सही कदम उठाएगा. अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में लगभग 18000 अवैध प्रवासी भारतीय हैं, जिन्हे भारत डिपोर्ट किया जाना है. ट्रंप के सत्ता में आने के बाद भारत सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई थी.
ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले ग्वाटेमाला, पेरू और होंडूरास के अवैध प्रवासियों को भी उनके मुल्क भेज दिया था. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने टेक्सास के अल पासो और कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में हिरासत में रखे गए 5000 से अधिक अवैध अप्रवासियों को भी उनके देशों में भेजना शुरू कर दिया है.