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अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी, नॉर्थ कोरिया ने जवाब में दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल

उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी. उसने अमेरिका की धमकी के बाद यह कदम उठाया. दरअसल अमेरिका ने अपने सहयोगियों दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा को लेकर दृढ़ प्रतिबद्धता जताते हुए उत्तर कोरिया पर कड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू करने की धमकी दी थी.

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US ने दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा को लेकर नॉर्थ कोरिया को दी थी धमकी (फाइल फोटा)
US ने दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा को लेकर नॉर्थ कोरिया को दी थी धमकी (फाइल फोटा)

उत्तर कोरिया ने गुरुवार को अपने पूर्वी समुद्री तट की ओर कम दूरी की एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी. दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक यह मिसाइल पूर्वी तटीय इलाके वोनसान से सुबह 10:48 बजे दागी गई, जो कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच जा गिरी. 

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दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान की सेनाओं ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता के सामने खतरा पैदा करता है. दक्षिण कोरिया ने कहा कि उत्तर कोरिया ने अमेरिका द्वारा क्षेत्र में अपने सहयोगियों-दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा को लेकर दृढ़ प्रतिबद्धता जताने के जवाब में कड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू करने की धमकी देने के कुछ घंटों बाद यह कदम उठाया.

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि उत्तर कोरियाई मिसाइल अधिकतम 47 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी की दूरी तक उड़ी. उन्होंने कहा कि मिसाइल दागना कोरियाई प्रायद्वीप की शांति और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली एक भड़काने वाली कार्रवाई है.

साउथ कोरिया के समाचार चैनलों ने मिसाइल का विडियो दिखाया

अमेरिका जितनी मदद करेगा, हम उतना जवाब देंगे

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री चो सोन ह्यू ने कहा- अमेरिका अपने सहयोगियों को जितनी ज्यादा मदद की पेशकश करेगा और वे कोरियाई प्रायद्वीप में जितनी अधिक उकसावे वाली सैन्य गतिविधियां संचालित करेंगे, उत्तर कोरिया की जवाबी कार्रवाई उतनी ही कड़ी होगी. उन्होंने चेताया कि यह अमेरिका और उसके इशारे पर चलने वाली ताकतों के लिए अधिक गंभीर, यथार्थवादी और अपरिहार्य खतरा पैदा करेगा.

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चो के बयान के जवाब में दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का मकसद उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु एवं मिसाइल खतरों से निपटने के लिए एक संयुक्त प्रतिक्रिया का समन्वय करना था. जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया का बार-बार मिसाइल प्रक्षेपण करना जापान, क्षेत्र और पूरी दुनिया की शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा है. अमेरिका-प्रशांत कमान ने कहा कि प्रक्षेपण उत्तर कोरिया के अवैध विध्वंसक हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के अस्थिर प्रभाव को उजागर करता है.

अमेरिका-साउथ कोरिया-जापान के सम्मेलन से तनाव बढ़ेगा

मिसाइल दागने से पहले उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री चो सोन ह्यू ने बयान जारी कर चेताया था कि प्योंगयांग के मिसाइल प्रक्षेपणों को लेकर अमेरिका, साउथ कोरिया और जापान का हालिया शिखर सम्मेलन कोरियाई प्रायद्वीप के मौजूदा तनाव को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा देगा. अमेरिकी राष्ट्रपति के उनके दक्षिण कोरियाई और जापानी समकक्षों के साथ हाल में हुए त्रिपक्षीय सम्मेलन को लेकर उत्तर कोरिया ने बयान दिया.

सम्मेलन के बाद तीनों देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी करते हुए उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षणों की कड़ी निंदा की थी और प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की सहमति जताई थी.बयान में बाइडन ने परमाणु हथियारों सहित अन्य सभी सैन्य उपायों के जरिये दक्षिण कोरिया और जापान की रक्षा करने की अमेरिकी प्रतिबद्धता को दोहराया था.

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