फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए रविवार को वोट डाले जा रहे हैं, जिसके मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुआ. राजधानी पेरिस में तीन दिन पहले ही पुलिस को निशाना बनाकर हमला किया गया था. फ्रांस इससे पहले भी कई आतंकवादी हमलों का शिकार हो चुका है, जिन्हें ध्यान में रखते हुए कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था की गई है.
गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में करीब 50,000 पुलिसकर्मियों और 7,000 सैन्यकर्मियों की तैनाती की गई है. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है.
देश के राष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनाव में 11 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें से चार उम्मीदवारों को इस दौड़ में सबसे प्रबल माना जा रहा है, ये हैं कंजर्वेटिव उम्मीदवार फ्रांस्वा फिल्लन, धुर दक्षिणपंथी मेरिन ले पेन, उदार मध्यमार्गी एम्मानुएल मैक्रोन और धुर वामपंथी ज्यां-लुक मेलेंनकोन. इस चुनाव में शीर्ष आएं दो उम्मीदवारों के बीच सात मई को दूसरे दौर की प्रतिस्पर्धा होगी.
सभी उम्मीदवारों ने इमिग्रेशन, अर्थव्यवस्था और फ्रांसीसी पहचान समेत कई मुद्दों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया है. चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दा रहा है.
मौजूदा राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. वह फ्रांस के आधुनिक इतिहास में ऐसा करने वाले पहले नेता हैं, जो दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव मैदान में नहीं हैं.