रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस वक्त गृह युद्ध की स्थिति का सामना कर रहे हैं. वजह है रूस की प्राइवेट आर्मी वैगनर की बगावत. वैगनर ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और साफ कहा कि देश को जल्द ही नया राष्ट्रपति मिलने वाला है. वैगनर ग्रुप (Wagner Group) के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन इस वक्त राजधानी मॉस्को की ओर अपने 25 हजार सैनिकों के साथ कूच कर ही रहे थे कि बेलारूस के राष्ट्रपति ने मध्यस्थता कराने का जिम्मा उठाया. हालांकि इस समझौते से पहले तक भी रूस में दिनभर हलचल रही.
प्रिगोझिन के बागी तेवर को देखते हुए रूस की सरकार ने सुरक्षा के कड़े कदम उठाए. हालांकि इस वक्त रूस की राजधानी मॉस्को में लॉकडाउन है. रूसी सेना के सैनिक शहर की रक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं.
इससे पहले शनिवार शाम पुतिन ने रूसी लोगों को संबोधित करते हुए चेतावनी दी थी कि प्रिगोझिन ने 'उनकी पीठ में छुरा घोंपा है'. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने वैगनर के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन पर देशद्रोह, सशस्त्र विद्रोह शुरू करने और अपने ही देश की पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया था. वहीं इस आरोप पर प्रिगोझिन का कहना है कि उनका उद्देश्य सैन्य तख्तापलट नहीं बल्कि न्याय के लिए मार्च निकालना है.
1. बेलारूस के राष्ट्रपति ने की समझौते की बात
इस बगावत के बीच बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने प्रिगोझिन के साथ बातचीत की है. प्रिगोझिन ने रूस में वैगनर सैनिकों की आवाजाही को रोकने और तनाव कम करने के लिए लुकाशेंको के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. बेलारूसी राष्ट्रपति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि फिलहाल प्रिगोझिन बगावत नहीं करेंगे. प्रिगोझिन की सेना अब अपने बेस की ओर वापस लौट रही है.
2. यूक्रेन ने भी जारी किया बयान
इस आंतरिक लड़ाई को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी बयान जारी किया है. जेलेंस्की ने कहा है, 'हम सभी को याद है कि कैसे रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने 2021 में दुनिया को धमकी दी थी. उनके पास कुछ अल्टीमेटम थे, वह एक तरह की ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे थे. साल 2022 ने दिखा दिया कि उन्होंने सभी को भ्रमित किया और झूठ से उन्हें ताकत मिली. क्रेमलिन में वे किसी भी आतंक का सहारा लेने में सक्षम हैं. एक दिन में, उन्होंने अपने लाखों से अधिक शहरों में से कई को खो दिया और सभी रूसी डाकुओं, भाड़े के सैनिकों, कुलीन वर्गों को दिखाया कि रूसी शहरों और, शायद, हथियारों के साथ शस्त्रागार पर कब्जा करना कितना आसान है.'
3. रोस्तोव और लिपेत्स्क पर वैगनर का नियंत्रण
प्रिगोझिन और उनके 25,000-मजबूत वैगनर सैनिकों का दक्षिणी रूसी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन पर नियंत्रण है. ये सभी सैनिक प्रिगोझिन के एक इशारे पर मरने के लिए तैयार हैं. प्रिगोझिन की सेना ने पुतिन की सेना से एक सैन्य हमले का बदला लेने की कसम खाई है. प्रिगोझिन का कहना था कि रूसी सेना के हमले में वैगनर आर्मी के कुछ लोग मारे गए हैं. कथित तौर पर रोस्तोव में बस टिकटों की बिक्री निलंबित कर दी गई है, जिससे लोगों के पास शहर छोड़ने के सीमित विकल्प बचे हैं. इसके अलावा रूस के लिपेत्स्क प्रांत के गवर्नर ने भी देर शाम कहा कि वैगनर के सैनिकों का समूह इस क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है. बता दें कि लिपेत्स्क मॉस्को से 360 किलोमीटर दूर है. इस हिसाब से अनुमान लगाया जा रहा है कि वैगनर सेना 360 किमी दूर से वापस लौटे.
4. स्थिति पर नजर बनाए हुए है अमेरिका
इस गृह युद्ध पर अमेरिका का राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस बारीकी से नजर बनाए हुए है. व्हाइट हाउस ने मीडिया को बताया है कि राष्ट्रपति बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने आज सुबह (स्थानीय समयानुसार) नवीनतम घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी. उस ब्रीफिंग में प्रमुख वरिष्ठ सलाहकार भी शामिल थे. व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को पूरे दिन जानकारी दी जाती रहेगी.
5. सोमवार को मॉस्को में छुट्टी
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार मॉस्को के मेयर ने स्थानीय लोगों से कारों का उपयोग न करने का आग्रह किया है और सोमवार को अधिकांश लोगों को छुट्टी पर रहने को कहा गया है.
6. वोरोनिश के तेल डिपो में लगी आग
जानकारी के मुताबिक वैगनर आर्मी के लड़ाकू विमानों, टैंकों और बख्तरबंद वाहनों का एक काफिला मॉस्को से लगभग छह घंटे की ड्राइव पर लिपेत्स्क क्षेत्र में पहुंच गया था. इस बीच वैगनर आर्मी की एक वीडियो भी सामने आई थी जिसमें कि सेना मॉस्को की ओर आगे बढ़ते समय वोरोनिश के आधे शहर से भी गुजरी. इस दौरान वोरोनिश शहर में एक विशाल तेल डिपो को आग की लपटों में घिरते हुए देखा गया था. उस समय एक हेलीकॉप्टर हवा में था. सोशल मीडिया पर फुटेज में सैनिकों के बड़े काफिले को वोरोनिश से उत्तर की ओर जाते हुए देखा जा सकता है. ऐसा कहा जा रहा है कि वैगनर आर्मी के लोग क्रास्नोडार और वोल्गोग्राड सहित अन्य प्रमुख शहरों की ओर जा रहे हैं
7. मॉस्को से महज 500 किमी दूर थी प्रिगोझिन की सेना
एक रूसी सुरक्षा सूत्र ने शनिवार 6 बजे के अपडेट में बताया था कि वैगनर लड़ाकों ने मॉस्को से लगभग 500 किमी (310 मील) दक्षिण में वोरोनिश शहर में सैन्य सुविधाओं पर भी नियंत्रण कर लिया है. इसका मतलब यह होता है कि रोस्तोव और मॉस्को के बीच के आधे रास्ते को इस वैगनर आर्मी ने 6 बजे तक कवर कर लिया था.
8. वैगनर ने बयान जारी कर कही गृह युद्ध की बात
वैगनर ने अपने टेलीग्राम चैनल के जरिए व्लादिमीर पुतिन के भाषण के बाद एक बयान जारी किया था. इस बयान में वैगनर ने कहा था कि पुतिन ने गलत विकल्प चुना है और रूस को जल्द ही एक नया राष्ट्रपति मिलेगा. वैगनर ने यह भी कहा कि जीत उनकी ही होगी और एक या दो गद्दारों के जीवन को 25,000 सैनिकों के जीवन से ऊपर रखा गया है. वैगनर के बयान में कहा गया कि रूस में गृह युद्ध अब आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है.
9. क्या यह तख्तापलट है?
प्रिगोझिन का दावा था कि सैन्य तख्तापलट के सभी दावे बेतुके हैं. यह विवाद वैगनर आर्मी के सैनिकों को पर्याप्त किट और गोला-बारूद उपलब्ध कराने में सेना की विफलता पर शुरू हुआ था. लेकिन अब यह प्राइवेट आर्मी रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और सशस्त्र बलों के प्रमुख वालेरी गेरासिमोव के लिए सीधी चुनौती बन गई है. हालांकि प्रिगोझिन का स्पष्ट कहना है कि अब तक यह तख्तापलट नहीं है, क्योंकि सरकार से सत्ता छीनने की कोई कोशिश नहीं की गई है. बताते चलें कि प्रिगोझिन की प्राइवेट आर्मी रूसी सेना का सीधे प्रतिनिधित्व नहीं करती है, हालांकि वह रूसी सेना को व्यापक समर्थन जरूरी देती है.
10. चेचन ने कही रूस को समर्थन देने की बात
इसके अलावा रूस के ही एक अन्य प्राइवेट सैन्य संगठन 'चेचन' के नेता रमजान कादिरोव ने अपना रुख स्पष्ट किया है. उनका कहना है कि अगर देश में गृह युद्ध होता है तो चेचन के सैनिक रूसी सरकार के साथ खड़ी होगी और वैगनर को करारी शिकस्त देने में रूसी सेना की मदद करेगी. उन्होंने कहा कि चेचन के सैनिक तनाव क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं और वे रूस की आधिकारिक सैन्य टुकड़ियों के साथ देश की रक्षा में खड़े रहेंगे. बता दें कि चेचन में व्यापक सैन्य बलों की कमान संभालने वाले कादिरोव को पहले प्रिगोझिन के सहयोगी के रूप में देखा जाता था. लेकिन इस युद्ध में वे देश के साथ खड़े हैं.