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कौन हैं नैंसी पेलोसी जिनके हर दौरे से चिढ़ जाता है चीन?

नैंसी पेलोसी सहित अमेरिकी प्रतिनिधियों ने धर्मशाला में दलाई लामा से मुलाकात की है. लेकिन इस मुलाकात का असल मकसद उस बिल पर चर्चा करना है, जिस पर जल्द अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन हस्ताक्षर कर सकते हैं. इस बिल का उद्देश्य चीन पर दबाव बनाना है ताकि वह तिब्बत के साथ चल रहे विवाद को निपटा सके. 

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नैंसी पेलोसी
नैंसी पेलोसी

अमेरिकी संसद का एक प्रतिनिधिमंडल इन दिनों भारत में है. इस प्रतिनिधमंडल में अमेरिकी संसद की पूर्व स्पीकर नैंसी पेलोसी भी शामिल हैं, जिन्होंने बुधवार को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात की. लेकिन चीन को ये मुलाकात रास नहीं आ रही. नाराजगी का आलम ये रहा कि चीन ने इस अमेरिकी डेलिगेशन को चेतावनी तक दे डाली. 

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ऐसे में सवाल है कि अमेरिकी डेलिगेशन की भारत यात्रा का असल मकसद क्या है? और नैंसी पेलोसी के हर कदम से चीन बौखला क्यों जाता है? दरअसल 2022 में नैंसी पेलोसी ने ताइवान का दौरा कर चीन की नाक में दम कर दिया था, जिस वजह से चीन और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंधों में गहरा तनाव देखा गया था. 

भारत में क्या कर रहा है अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल?

नैंसी पेलोसी सहित अमेरिकी प्रतिनिधियों ने धर्मशाला में दलाई लामा से मुलाकात की है. लेकिन इस मुलाकात का असल मकसद उस बिल पर चर्चा करना है, जिस पर जल्द अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन हस्ताक्षर कर सकते हैं. इस बिल का उद्देश्य चीन पर दबाव बनाना है ताकि वह तिब्बत के साथ चल रहे विवाद को निपटा सके. 

Resolve Tibet Act नाम का यह बिल 12 जून को अमेरिकी संसद में पारित हुआ था. इसके तहत अमेरिका, तिब्बत के इतिहास, लोगों और संस्थाओं के बारे में चीन की ओर से फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से निपटने के लिए फंड मुहैया कराएगा. साथ ही उस फेक नैरेटिव को भी काउंटर किया जाएगा, जिसमें वो तिब्बत पर अपना दावा करता है. 

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कौन हैं नैंसी पेलोसी जिससे चिढ़ता है चीन?

नैंसी पेलोसी का ताल्लुक राजनीतिक परिवार से रहा है. 84 साल की नैंसी पेलोसी 5 बच्चों की मां और नौ बच्चों की दादी हैं. पेलोसी अक्सर कहती हैं कि उनका इरादा कभी राजनीति में आने का नहीं था. 

नैंसी के पिता थॉमस डी'एलेसेंड्रो जूनियर ने बाल्टीमोर के मेयर के रूप में काम किया है. उन्होंने पांच बार कांग्रेस में शहर का प्रतिनिधित्व किया. नैंसी के भाई थॉमस डी'एलेसेंड्रो-3 ने भी बाल्टीमोर के मेयर के तौर पर काम किया. पेलोसी अक्सर अपने पिता के चुनावी अभियानों में भाग लेती थीं. उन्हें वोट बटोरने में महारत हासिल है.

ओबामा के पूर्व मुख्य रणनीतिकार डेविड एजेलरोड ने एक बार नैंसी से पूछा था कि उन्होंने अपने पिता से क्या सीखा. इसके जवाब में पेलोसी ने कहा कि मैंने उनसे वोट इकट्ठे करना सीखा है.

पेलोसी पहली बार 1987 में सदन के लिए चुनी गई थीं. उन्होंने अमेरिकी राजनीति में सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक के रूप में कार्यकाल पूरा किया है. डेमोक्रेटिक नेता पेलोसी ने 2007 में पहली महिला स्पीकर बनकर इतिहास रचा था. फिर 2019 में उन्होंने स्पीकर का पद हासिल किया. स्पीकर के तौर पर उनका कार्यकाल जनवरी 2023 में पूरा हुआ था.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के महत्वाकांक्षी अफोर्डेबल केयर एक्ट को लागू करने में नैंसी पेलोसी की अहम भूमिका थी. इस बिल को ओबामाकेयर के नाम से भी जाना जाता है. 

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पेलोसी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ खड़े होने वालीं आखिरी शख्स थीं. पेलोसी ने सुनिश्चित किया था कि ट्रंप दो बार महाभियोग चलाने वाले एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति बनें. दूसरा प्रयास उनके कार्यकाल की समाप्ति से केवल सात दिन पहले किया गया था, जहां एक तरफ उनके उग्र व्यक्तित्व ने उन्हें हमेशा विरोध के निशाने पर रखा तो वहीं दूसरी तरफ उन्हें पसंद करने वाले लोंगों की भी कमी नहीं रही है.

ताइवान दौरे से चर्चा में आई थीं नैंसी पेलोसी

बीते साल अगस्त में नैंसी पेलोसी तब चर्चा में आई थीं, जब वो अमेरिका की हाउस स्पीकर के पद पर रहते हुए ताइवान के दौरे पर गई थीं. उनके इस दौरे का चीन ने जबरदस्त विरोध किया था. दरअसल, ताइवान को चीन अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है. ऐसे में चीन ने अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी.

इस होने वाली मुलाक़ात पर चीन ने नाराज़गी जताते हुए चेतावनी वाले अंदाज़ में कहा है कि अगर अमेरिका तिब्बत को चीन का हिस्सा ना मानते हुए अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान नहीं करेगा तो चीन इस पर ‘कड़े क़दम उठाएगा.’

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