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डिलीवरी रूम में कुत्ते ने की प्रेग्नेंट महिला की मदद, 50 घंटे रहा साथ

ब्रिटेन में एक ऐसा केस सामने आया है, जहां महिला ने बच्‍चे को जन्‍म दिया, इस दौरान उसके साथ पालतू कुत्‍ता भी मौजूद था. ब्रिटेन में इस तरह का ये पहला केस है.

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ब्रिटेन में हुई अनोखी डिलीवरी (सोर्स:Charlotte Beard )
ब्रिटेन में हुई अनोखी डिलीवरी (सोर्स:Charlotte Beard )
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ब्रिटेन में पहली बार सामने आया ऐसा केस
  • कुुत्‍ता महिला के साथ बच्‍चा होने के बाद भी अस्‍पताल में रहा

ये सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन ब्रिटेन में जब एक महिला ने एक बच्‍चे को जन्‍म दिया तो उसके साथ उसका पालतू कुत्‍ता भी मौजूद था. ये कुत्‍ता महिला के साथ " मेडिकल सहायक" के तौर पर उसकी डिलीवरी के दौरान मौजूद रहा. खास बात ये है कि बच्‍चे के जन्‍म के बाद जब तक महिला के सारे टेस्‍ट नहीं हुए तब भी वह अस्‍पताल में ही रहा. 

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इस महिला की पहचान 24 साल की चार्लोट बियर्ड (Charlotte Beard) के तौर पर हुई है. वह  डोरसेट (Dorset) की रहने वाली है. महिला पहले से ही हार्ट की बीमारी और दौरों से जूझ रही थी. इसके अलावा चोट लगने के बाद होने वाले स्‍ट्रेस डिस्‍ऑर्डर से भी वह ग्रस्‍त थी. मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महिला के तीन गर्भपात भी हो चुके थे. 

चार्लोट का फ्लंप (Flump) नाम का कुत्‍ता है. कुत्‍ता महिला के साथ पिछले दो साल से रह रहा है. खास बात ये है कि कुत्‍ते को इस बात की ट्रेनिंग दी गई थी कि वह दौरों को उनके आने से पहले ही भांप लेता था.

जब इस महिला की डिलीवरी हुई और वह लेबर पेन से जूझ रही थी तो ये कुत्‍ता उसके साथ 50 घंटों तक उपस्थित रहा. महिला ने विगत 4 दिसंबर को एक बेटे एल्‍फी (Alfie) को जन्‍म दिया. जब एल्‍फी का जन्‍म हुआ तो इस दौरा फ्लंप उनके साथ ही रहा. वह लगातार महिला के पास ही बैठा रहा. इस दौरान महिला का बायॅफ्रेंड एश उसे लगातार घुमाने के लिए बाहर भी ले गया. 

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बच्‍चे और कुत्‍ते में है गहरा नाता 
'द टाइम्‍स' से बात करते हुए चार्लोट ने बताया कि फ्लंप और और एल्‍फी भाई की तरह हैं. चार्लोट ने आगे बताया, 'फ्लंप मेरे सब कुछ है, सच कहूं तो वह मुझे आगे बढ़ाने में उसका बहुत रोल है'. बच्‍चा होने के बाद भी कुत्‍ता उनके साथ करीब  5 दिन तक रहा, इस दौरान महिला ने अस्‍पताल में अपने जरूरी टेस्‍ट करवाए.

अब महिला उन अस्‍पतालों को तलाश रही है, जहां कुत्‍ते को अस्‍पताल ले जा सकते हैं. चार्लोट ने तर्क दिया, ' जब कोई अस्‍पताल व्‍हीलचेयर के साथ जाता है तो उनसे इस बारे में नहीं पूछा जाता है, ऐसे में अगर कोई अपने सहायक कुत्‍ते के साथ जा रहा है तो ये उसका भी हक है'. 

 

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