वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (World Health Organisation) ने कोरोना के नए रूप B.1.1529 को 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित किया है. इतना ही नहीं WHO ने द अफ्रीका के बोत्सवाना में सबसे पहले मिले इस वेरिएंट का नाम Omicron रखा है.
WHO ने अपने बयान में कहा, कोरोना पर टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप की बैठक हुई. इसमें कोरोना के नए वेरिएंट B.1.1.529 पर चर्चा हुई. इस दौरान ग्रुप ने वेरिएंट को 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित करने की सलाह दी. WHO ने कोरोना के अन्य वेरिएंट की तरह ही इसे 'ओमिक्रॉन' नाम दिया.
अफ्रीका में पहली बार मिला वेरिएंट
कोरोना का नया वेरिएंट B.1.1.529 24 नवंबर को पहली बार दक्षिण अफ्रीका में मिला. डब्ल्यूएचओ ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में बी.1.1.1.529 वेरिएंट के सामने आने के बाद संक्रमण में भारी वृद्धि देखी गई है.
नए वेरिएंट पर WHO ने क्या क्या कहा?
- WHO ने कहा, यह वेरिएंट कई म्यूटेशन वाला है, जिसमें से कई चिंता बढ़ाने वाले हैं.
- शुरुआती जांच में पता चला है कि इस वेरिएंट से संक्रमण फिर से बढ़ सकता है.
- दक्षिण अफ्रीका के लगभग सभी प्रांतों में इस वेरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं.
- हालांकि, अभी मौजूद कोरोना (SARS-CoV-2) की जांच के तरीके से इस वेरिएंट का पता लगाया जा सकता है.
अमेरिका और यूरोपीय देशों ने अफ्रीका की फ्लाइटों पर रोक लगाई
कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर आ रहीं खबरों के बीच अमेरिका और यूरोपीय देशों ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाली फ्लाइटों पर रोक लगा दी है. इतना ही नहीं अफ्रीका और आसपास के देश से आने वाले यात्रियों को क्वारंटीन किया जा रहा है. उधर, बाइडेन प्रशासन ने भी सोमवार से दक्षिण अफ्रीका के लिए फ्लाइटों पर बैन लगाने का फैसला किया है. कनाडा ने भी पिछले 14 दिन में अफ्रीका से आने वाले नागरिकों का कोरोना टेस्ट कराने का फैसला किया है. जब तक इनका कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव नहीं आती, इन्हें क्वारंटीन रहना होगा.