फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में चीन की अध्यक्षता खत्म होने जा रही है. इस संस्था के चीन के निवर्तमान अध्यक्ष शियांगमिन लियू ने एक बयान में कहा कि 2019-20 की अवधि में चीन ने एफएटीएफ की कमान संभाली जिस पर उसे गर्व है. लियू ने कहा कि जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रही है, ऐसे वक्त में एफएटीएफ के सदस्य देशों व अन्य साझेदारों का हर मामले में सहयोग किया गया है. लियू ने यह भी कहा कि वित्तीय अपराध में शामिल देशों व संगठनों के खिलाफ असरदार कार्रवाई की गई.
लियू ने कहा कि चीनी अध्यक्षता में एफएटीएफ ने खतरे को भांपते हुए हर मुमकिन कार्रवाई पर जोर दिया है. उन्होंने कहा, आईएसआईएल (आईसीस), अल कायदा और अन्य आतंकी संगठनों की बारीकी से निगरानी और उनकी फंडिंग की पूरी रिपोर्ट तैयार की गई. इस काम में दुनिया के प्राइवेट सेक्टर और सिविल सोसायटी से संवाद बनाया गया. लाभकारी स्वामित्व (बेनेफिशियल ऑनरशिप) की पारदर्शिता में सुधार और रूस, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और कोरिया जैसे देशों की आपसी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करने जैसे अहम काम हुए.
शियांगमिन लियू ने कहा, दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए अभी बेहद मुश्किल समय है. एफएटीएफ ने संकट के दौरान उभर रहे नए खतरों और कमजोरियों को उजागर करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी फंडिंग सहित इस काम में लगे अधिकारियों की मदद करने का अपना काम जारी रखा है. पूरी दुनिया अभी कोविड-19 महामारी से जूझ रही है. ऐसे में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों, अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा करने वाले मेडिकल स्टाफ और कोरोना वॉरियर्स के साथ हो जो संकट की इस विकट परिस्थिति में भी दूसरों की मदद कर रहे हैं.
उइगर के खिलाफ चीन की कार्रवाई
उइगर और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ चीन की कार्रवाई जारी है. एक रिपोर्ट में पता चला है कि चीनी सरकार उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है ताकि उनकी जन्म दर घटाई जा सके. चीनी सरकार का इरादा मुस्लिम आबादी को कम करना है. जबकि देश में हान समुदाय की आबादी बढ़ाने को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. शिनजियांग प्रांत के पश्चिमी हिस्से में पिछले चार साल से उइघुरों के खिलाफ चीन सरकार की कार्रवाई जारी है.