रूस में विद्रोह जैसी स्थिति बनने के बाद अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की एक्टिव हो गए हैं. उन्होंने अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन को फोन कर इस मसले पर विस्तार से बातचीत की है. दोनों के बीच वैगनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन और उनके बगावती तेवरों को लेकर चर्चा हुई. व्हाइट हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है.
इस बातचीत के बाद जेलेंस्की ने ट्वीट कर कहा,'अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से चर्चा हुई. बातचीत सकारात्मक और प्रेरक थी. हमारे बीच जंग को लेकर हुए हालिया डेवलपमेंट के साथ ही रूस में होने वाली घटनाओं पर चर्चा की. अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बहाल होने तक दुनिया को रूस पर दबाव बनाना चाहिए. हमारे बीच लंबी दूरी के हथियारों पर जोर देने के साथ रक्षा सहयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई.
वैगनर ग्रुप ने किया था बगावत का ऐलान
इस समय जो बाइडेन के साथ जेलेंस्की की बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पूरी दुनिया की निगाहें रूस में जारी उठापटक पर लगी हुई हैं. दरअसल, रूस की प्राइवेट आर्मी (भाड़े की सेना) वैगनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन (Yevgeny Prigozhin) ने हिंसक विद्रोह करने का ऐलान किया था. प्रिगोझिन ने एक आधिकारिक टेलीग्राम चैनल के जरिए बयान जारी करते हुए कहा था, 'खून-खराबा हो सकता था इसीलिए, एक पक्ष ने जिम्मेदारी को समझा ताकि इसे रोका जा सके. हम अपने काफिले को वापस कर रहे हैं और योजना के मुताबिक फील्ड शिविरों में वापस जा रहे हैं.'
प्रिगोझिन ने 12 घंटे में ही मारी पलटी
हालांकि, बाद में येवगेनी प्रिगोझिन और रूस के बीच समझौता हो गया था. रूस को नया राष्ट्रपति देने की बात कहने वाले येवगेनी ने महज 12 घंटे में ही पलटी मार दी थी. बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने वैगनर ग्रुप के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन के साथ रूस का समझौता कराया था, जिसके तहत प्रिगोझिन ने अपने सैनिकों को पीछे हटने का आदेश दिया था.
अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कराई मध्यस्तता
बता दें कि इस विद्रोह को खत्म करने में पुतिन के दोस्त और बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने अहम भूमिका निभाई थी. एक मध्यस्तता की भूमिका अदा करते हुए लुकाशेंको ने रूस और येवगेनी के बीच डील कराई थी, जिसके बाद उन्होंने अपने सैनिकों को वापस लौटने के लिए कहा था. लुकाशेंको के दफ्तर से जारी बयान के मुताबिक, इस बातचीत के दौरान लगातार पुतिन से भी कॉर्डिनेशन किया गया था, जिसके बाद डील पर सहमति बन सकी. येवगेनी अब बेलारूस में रहेंगे. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया था कि प्रिगोझिन बेलारूस चले जाएंगे और उनके खिलाफ आपराधिक मामला बंद कर दिया जाएगा.