तालिबान के खिलाफ जंग लड़ने के लिए पंजशीर में 10 हजार से ज्यादा फौजी इकट्ठा हुए हैं जो तालिबान का डटकर सामना करने को तैयार हैं. पंजशीर का मतलब होता है फारस के पांच शेर. अपने नाम की तरह पंजशीर शेरों की तरह दहाड़ रहा है. ये इलाका काबुल से सिर्फ 100 किलोमीटर की दूरी पर है. पंजशीर में तालिबान के खिलाफ जो देशभक्त लड़ाके जमा हुए हैं उनमें अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह और अफगानिस्तान के वॉर लॉर्ड कहे जाने वाले जनरल अब्दुल रशीद दोस्तम की फौजें शामिल हैं. पंजशीर वो इलाका है जो सत्तर-अस्सी के दशक में सोवियत फौज के खिलाफ मजबूती से डटा रहा और एक बार फिर पंजशीर तालिबान के खिलाफ विरोध का केंद्र बन गया है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.
A little over 100 kms away, in the north-east of Kabul, is the Panjshir province of Afghanistan. It is still free from the Taliban, even as the extremist group took over the country after the exit of US forces. To fight the war against the Taliban, more than 10 thousand soldiers have gathered in Panjshir, who are ready to face the Taliban firmly. Watch the video for more information.