बांग्लादेश में एक आंदोलन ने शेख हसीना की सरकार को पलट दिया है. इसमें इस्लामिक छात्र शिविर के कैडर और जमाते इस्लामी की छात्र इकाई ने अहम भूमिका निभाई है. भारतीय खुफिया एजेंसियों की सूत्रों के हवाले से खबर है की पिछले दो सालों से इस्लामिक छात्र शिविर के कैडर ने बांग्लादेश के अलग-अलग विश्वविद्यालय में दाखिला लिया और यही से यूनिवर्सिटी छात्रों को भड़काने का काम शुरू हुआ.