पुतिन और उनकी सेना ने मानों सारी सीमाएं लांघ दी हैं. कभी बोरोदियांका में हंसते खेलते लोगों का आशियाना था आज वो बर्बरता का निशान बनकर रह चुका है. बोरोदियांका की तस्वीरें अब आईं हैं लेकिन रूस ये अंजाम 31 मार्च तक लिख चुका था. बूचा में कत्लेआम करने के लिए अभी कल ही रूस को यूएनएचआरसी से हटाया गया है. जेलेंस्की चीख-चीख कर दुनिया को बता भी रहे हैं कि बोरोदियांका में जो हुआ है वो बूचा से भी विभत्स है. युद्ध अपराध की जांच करने वाली यूएन की टीम यहां पहुंच चुकी है. वो अपनी रिपोर्ट दुनिया के सामने जल्द ही पेश करेगी. लेकिन शहर उजड़ चुका है, कितने लोग मारे गये इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.